फोटो-21 गोंडा में पड़रीकृपाल सीएचसी पर डॉ. मधुसूदन को मिली बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ी। -संवाद
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गोंडा। स्कूली बच्चों के सेहत की जांच करने के लिए डॉक्टरों को दी जाने वाली अनफिट गाड़ियों को लेकर स्वास्थ्य महकमा भले ही सजग न हों, लेकिन डॉक्टरों ने जान जोखिम में डालकर चलने से साफ मना कर दिया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सीएचसी के डॉक्टरों को दी जाने वाली अधिकांश गाड़ियां अनफिट मिलीं जोकि डॉक्टरों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग के मुखिया चुप्पी साधे रहे। जिससे डॉक्टरों को विरोध में आना पड़ा। बुधवार को पड़री कृपाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. मधुसूदन सिंह की अगुवाई में अपर निदेशक, सीएमओ व सीएचसी अधीक्षक को पत्र लिखकर अनफिट गाड़ियां लेने से इंकार कर दिया।
बता दें कि स्वास्थ्य महकमे में गाड़ियों में चल रहे इस खेल का खुलासा अमर उजाला ने किया था। हरकत में आए चिकित्सा अधीक्षकों ने अब अनफिट वाहनों से चलने से इंकार किया है। अपर निदेशक को लिखे पत्र में लिखा कि आरबीएसके के तहत सीएचसी के डॉक्टरों को मिली गाड़ियां मानकविहीन हैं। गाड़ियों का इंश्योरेंस खत्म हो चुका है जिसकी वजह से उनकी सुरक्षा खतरे में है। कोई दुर्घटना होने पर उन्हें इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिलेगा। डॉक्टरों ने 15 मार्च को सीएमओ के पास मिशन निदेशक की ओर से दिए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि गाइड लाइन के अनुसार सभी गाड़ियों में सात प्रकार के विजविल्टी प्रोटोकॉल का पालन किया जाना था लेकिन अधिकांश गाड़ियों में किसी भी प्रकार लॉजिस्टिक व पोस्टर नहीं लगाया गया। डॉक्टरों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से आरबीएस की गाड़ियों के लिए जारी जरुरी प्रोटोकाल का पालन कराए जाने की मांग की। पत्र लिखने वालों में डॉ. एमएस सिंह, डॉ. एसपी सिंह आदि रहे।
सीएमओ के चुप्पी पर उठ रहे सवाल
सीएमओ कार्यालय की ओर सीएचसी पर डॉक्टरों को आवंटित अनफिट गाड़ियों के मानकविहीन होने की शिकायत पर सीएमओ की चुप्पी पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। कार्यालय के कर्मचारी दबी जुबान जिम्मेदारों के मिलीभगत होने की बात भी कह रहे हैं।