गोंडा के कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही।
- फोटो : GONDA
गोंडा। विकास कार्यों की मासिक समीक्षा में उजागर हुई ढिलाई से नाराज जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने चेताया है कि समय से कार्य पूरा न करने में चिह्नित अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ सीधे प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई होगी। डीएम सोमवार को आयोजित विकास कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने चेताया कि यदि कोटेदारों को गोदामों से कम गल्ला दिया जाएगा तो संबंधित गोदाम प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई होगी। सामुदायिक शौचालय के लिए जमीन प्राप्त कर निर्माण शुरू न कराने पर डीपीआरओ को कड़ी फटकार लगाते हुए मौके पर ही वेतन बाधित करने का आदेश दिया।
साथ ही निर्माणाधीन सभी 932 सामुदायिक शौचालय की तत्काल सत्यापन रिपोर्ट भी तलब की है। मिशन कायाकल्प योजना में सामने आया कि 7321 कार्य हुए परन्तु सभी कार्यों की जिओ टैगिंग नहीं हुई है। अमृत योजना के तहत जल निगम द्वारा रोड कटिंग कर छोड़ देने की शिकायत पर एक्सईएन को चार्जशीट देने के आदेश दिए हैं।
समीक्षा में ईओ नगर पालिका बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। नगर पालिका के कार्यों में रुचि न लेने व बैठक से बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर ईओ को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि का निर्देश देते हुए आरईडी विभाग की 17 सड़कों के अनुरक्षण कार्य की जांच भी टीम गठित कर कराने को कहा।
गठित जांच समिति में सांसद व विधायकों को जांच के समय अपना प्रतिनिधि भेजने के लिए भी अनुरोध कर लिया जाय। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत अब तक डाटा का सुधार नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीडी एग्रीकल्चर को 20 सितंबर तक की मोहलत दते हुए कार्य पूरा न होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में 199 अपात्रों को आवास देने के मामले में तत्काल डिफाल्टरों से रिकवरी कराने का निर्देश भी दिया।