गोंडा। जिला महिला अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही सामने आई है। गर्भवती व गर्भस्थ शिशु की मौत होने पर परिजनों ने डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। कोतवाली नगर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बुधवार को मोकलपुर निवासी प्रवीण कुमार ने तहरीर देकर बताया कि पत्नी मीरा (27) गर्भवती थी। प्रसव के लिए मंगलवार दोपहर को जिला महिला अस्पताल लाया गया।
डॉक्टर ने मरीज को भर्ती कर खून की मांग की। शाम छह बजे तक खून उपलब्ध करा दिया गया। पूरी रात परिजन खून लिए डॉक्टरों से चढ़ाने की मनुहार करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह करीब छह बजे प्रसूता की मौत हो गई।
कोतवाल नगर राजेश सिंह ने बताया कि प्रवीण ने तहरीर दी है। उन्हें बताया गया कि सीएमओ से शिकायत दर्ज कराएं। सीएमओ की अध्यक्षता वाली कमेटी की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
रेफर करने के बावजूद हायर सेंटर नहीं ले गए परिजन
महिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राम कुंवर ने बताया कि सातवें महीने की गर्भवती को गंभीर स्थिति में महिला अस्पताल लाया गया था। पेट में गर्भस्थ की पहले ही मौत हो चुकी थी। गर्भवती का हीमोग्लोबिन 3.5 व प्लेटलेट्स 68 हजार थी। भर्ती करने के बाद मरीज की गंभीरता को देखते हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। परिजन ने मेडिकल कॉलेज ले जाने में असमर्थता जताई।
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
सीएमएस महिला अस्पताल, डॉ. देवेंद्र सिंह के अनुसार, गर्भवती की मौत का मामला संज्ञान में आया है। आज मैं छुट्टी पर हूं। पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच में दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।