गोंडा। नगर पालिका प्रशासन पीएफ घोटाले के साथ ही भूमि घोटाले के आरोपों में भी घिर गया है। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन रूपेश कुमार श्रीवास्तव उर्फ निर्मल श्रीवास्तव ने शासन से दोनो मामलों की गहन जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन की ओर से किए जा रहे भ्रष्टाचार पर जानबूझ कर पर्दा डाला जा रहा है। पीएफ घोटाले के साथ ही उन्होंने पंतनगर में नगर पालिका की भूमि के बैनामा कराए जाने के मामलों में सुनियोजित स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। अगर इसकी नीलामी होती तो सौ करोड़ का राजस्व सरकार को मिलता, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से बैनामा कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस मामले पर अधिकारियों की चुप्पी सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गयी है। इसके तहत ही नगर पालिका के कर्मचारियों के पीएफ कटौती की साढ़े तीन करोड़ से अधिक की धनराशि सुनियोजित तरीके से हड़प ली गयी।
बाद में पुलिस ने जानबूझकर सिर्फ दिखावे के लिए एक लिपिक की पत्नी को गिरफ्तार कर बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। पूर्व चेयरमैन ने बताया कि इसी तरह शहर के पंतनगर में लखनऊ मार्ग से सटी भूमि का बैनामा नगर पालिका के ईओ की मिलीभगत से की गई है।
जिस भूखंड को सरकारी घोषित करने के लिए पत्र लिखा गया हो उसी का बैनामा होने दिया गया। इस भूमि की यदि नगर पालिका नीलामी करता तो सरकार को सौ करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होता।
लेकिन भ्रष्टाचार करके भूमि की बिक्री होने दिया गया है। वह भी बैनामा उन लोगों ने किया जिनका भूमि पर अधिकार ही नहीं था। भूमि का पट्टा सात साल पहले समाप्त हो गया और न ही किसी ने पट्टा नवीनीकरण कराने और न ही फ्री होल्ड कराने का दावा किया। अब शिकायत पर कार्रवाई न कर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।