गोंडा में उदय प्रताप सिंह। फाइल फोटो
नवाबगंज (गोंडा)। नवाबगंज थाना क्षेत्र के ब्यौंदा उपरहर गांव के रहने वाले एक किसान का नरकंकाल धान के खेत में बृहस्पतिवार की सुबह पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिवार के लोगों ने खेत में मिले कपड़ों व चप्पल से पहचान की। वे एक माह पूर्व घर से निकलकर लापता हो गए थे। उनके भाई ने थाने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
गांव की एक महिला बृहस्पतिवार की सुबह धान की फसल की देखभाल के लिए खेत में गई थी। उसने अपने खेत में नरकंकाल देखा तो शोर मचाती हुई गांव की ओर भागी। गांव के तमाम लोग वहां पहुंच गए। खेत में मानव खोपड़ी व पैर की अस्थियां पड़ी मिलीं। गांव के लोगों के साथ मौके पर चंद्रप्रकाश सिंह भी पहुंचे। जिन्होंने वहां मिले कपड़ों व चप्पल से नरकंकाल की पहचान अपने बड़े भाई उदय प्रताप सिंह (58) के रूप में की। चंद्रप्रकाश ने बताया कि उनके बड़े भाई की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। उनका इलाज चल रहा था। वे 26 सितंबर को घर से लापता हो गए थे। काफी तलाश के बाद जब नहीं मिले तो 29 सितंबर को थाने पर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चौकी प्रभारी ढेमवाघाट साहब कुमार ने बताया कि नरकंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।