गोंडा के रोडवेज डिपो पर कर्मचारियों को फाइनल रिपोर्ट की प्रति दिखाते आरएम अंकुर विकास।
गोंडा। रोडवेज कर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लिए जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर बृहस्पतिवार को विराम लग गया। मुकदमा वापसी की मांग को लेकर रोडवेज कर्मियों ने बुधवार की रात बारह बजे से देवीपाटन क्षेत्र के गोंडा, बहराइच, बलरामपुर व रुपईडीहा बस स्टेशनों से बसों का संचालन ठप कर दिया था। एक साथ चार डिपो से बसों का संचालन बंद होने से पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। मुकदमे में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। विवेचक ने बृहस्पतिवार की सुबह रोडवेज बस स्टेशन पहुंचकर आरएम व एआरएम को फाइनल रिपोर्ट दी। जिसके बाद रोडवेज कर्मियों का आंदोलन खत्म हो गया।
25 अगस्त को रोडवेज बस स्टेशन के समीप एसपी अंकित मित्तल के जाम में फंसने के बाद कोतवाल नगर संजय गुप्ता ने रोडवेज की एक बस बंद कर दी थी। इससे नाराज रोडवेज कर्मियों ने बस स्टेशन तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया था। इसी मामले में पुलिस ने 19 रोडवेज कर्मियों को नामजद करते हुए 35 अन्य के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया था। इसी मुकदमे की वापसी को लेकर पिछले दो माह से रोडवेजकर्मी आंदोलित थे। बुधवार की देर रात बारह बजे से रोडवेजकर्मियों ने मुकदमा वापसी की मांग को लेकर बसों का संचालन ठप कर दिया था।
विवेचक व रोडवेज चौकी प्रभारी राजेन्द्र कनौजिया ने बस स्टेशन पहुंचकर आरएम अंकुर विकास व एआरएम कपिलदेव को संयुक्त रूप से फाइनल रिपोर्ट थमाई। जिसके बाद रोडवेजकर्मियों ने बसों का संचालन शुरू हो गया। राजेन्द्र ने बताया कि एसपी के आदेश के फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है। आरएम अंकुर विकास का कहना है कि फाइनल रिपोर्ट लगने से कर्मचारियों की जीत हुई है। आंदोलित कर्मचारी काम पर लौट आए हैं, बसों का संचालन शुरू हो गया है।