मसकनवा (गोंडा)। दहेज न देने पर एक विवाहिता को ससुराल पक्ष के लोगों ने मारा पीटा और तीन तलाक देकर दो माह से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा। पीड़िता नूर शबा पुत्री रईस अहमद निवासी शीतलगंज ग्रांट ने घटना की तहरीर छपिया थाने में दी है।
दिए गए तहरीर में नूरशबा ने अवगत कराया है कि उसकी शादी 20 नवंबर 2017 को फारुख अहमद पुत्र मो युनुस निवासी सुभाष नगर उतरौला, बलरामपुर के साथ मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार हुआ था। शादी में घर वालों ने मोटरसाइकिल, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, बेड, सोफा सेट, अलमारी, सोने की नथनी, मंगलसूत्र, चेन, चांदी का पायल, सोने का टीका, एक लाख रुपए नगदी व चालीस हजार रुपये का कपड़ा आदि सामान देकर विदा किया था। शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज के रूप में अतिरिक्त तीन लाख रुपये की मांग करने लगे। पीड़िता द्वारा अपने पिता की गरीबी हवाला देते हुए अतिरिक्त दहेज न दे पाने की बात कही गई।
पीड़िता का आरोप है कि दहेज देने से मना करने के बाद उसके सास, ससुर, पति, ननद, जेठ ने चार मई को मारापीटा और पति फारूख अहमद ने उसे तीन तलाक दे दिया। पीड़िता का आरोप है कि ससुराल वालों ने 4 मई से 17 जुलाई तक घर में बंद रखा। इस दौरान उसे शारीरिक व मानसिक रुप से प्रताड़ित किया गया। 17 जुलाई को पीड़िता ने किसी तरह फोन करके इसकी सूचना अपने पिता को दी।
सूचना मिलने पर पीड़िता के पिता रईस अहमद अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ बेटी की ससुराल पहुंचे। ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज का तीन लाख रुपये देने पर ही बेटी को घर में रखने की बात कही। एसओ छपिया राकेश कुमार सिंह ने बताया कि विवाहिता की तहरीर पर पति फारुख अहमद, ससुर मो युनुस, सास जमीला बानो, ननद मैमूना व जेठ मो गुलाम के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। संवाद