करनैलगंज (गोंडा)। बिना किसी आदेश के मतरुक खाते का फर्जी अंकना कराकर एक करोड़ की जमीन बेंच दी गई। अब अंकना करने व कराने वाले लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी ने फर्जी प्रविष्टि निरस्त कराकर मामले में संलिप्त लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का आदेश तहसीलदार को दिया है। जिसमें तत्कालीन लेखपाल व राजस्व अधिकारियों समेत कई लोग फंस गए हैं।
मामला विकास खंड कर्नलगंज अंतर्गत ग्राम पिपरी से जुड़ा है। यहां कुछ सरकारी भूमि बंदोबस्त में मतरुक हो गई थी। जो करीब 100 वर्षों से किसी के नाम दर्ज नहीं थी। जिसे भूमाफियाओं ने राजस्व कर्मियों से मिलकर नया गाटा संख्या 400 बनवाकर अपने नाम दर्ज कागजात करवा लिया। उसके बाद एक करोड़ से अधिक की कीमत पर बेंच भी दिया। जब प्लाटिंग का कार्य शुरू हुआ तो खरीद फरोख्त में मामला खुलने लगा।
एसडीएम हीरालाल ने बताया कि अधिवक्ता प्रताप बली सिंह ने बीती 22 जुलाई को इसकी शिकायत डीएम से करके पूरे मामले से अवगत कराया। जिस पर मामले की जांच कर प्रविष्टि निरस्त कराने, फर्जी प्रविष्टि दर्ज करने व कराने वाले संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराकर 15 दिवस के अंदर अवगत कराने का लिखित निर्देश दिया है। जिस पर तहसीलदार कर्नलगंज की जांच कर तत्काल अभियोग पंजीकृत कराते हुये कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। (संवाद)