गोंडा। जिले की 1,214 ग्राम पंचायतों में से करीब 1,005 पंचायतों में सचिवालय व शौचालय का निर्माण कर इन्हें संचालित करने का दावा किया जा रहा है। सभी सचिवालयों को हाईटेक बनाने के लिए कंप्यूटर, पंखा व लाइटों का इंतजाम किया गया है। हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन ऑप्टिकल फाइबर लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई मगर इन विद्युत उपकरणों को चलाने के लिए किसी भी ग्राम पंचायत ने बिजली का कनेक्शन नहीं लिया। चोरी की बिजली से ही ग्राम सचिवालय में विद्युत उपकरण चल रहे हैं। वहीं, इन्हीं पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालयों में बिना कनेक्शन के ही चोरी की बिजली से सबमर्सिबल पंप चल रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में बने हाईटेक सचिवालय व सामुदायिक शौचालय चोरी की बिजली से चल रहे हैं। जिससे पावर कॉरपोरेशन को हर महीने लाखों रुपये की चपत लग रही है। जिले की 1,214 ग्राम पंचायतों में से करीब 1,005 पंचायतों में सचिवालय संचालित होने का दावा किया जा रहा है। जहां कंप्यूटर, पंखा, लाइट व सबमर्सिबल पंप लगाकर लोगों को सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है। वहीं, जल्द ही सभी सचिवालयों को वाई-फाई सुविधा से युक्त करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर लगाए जाने की कवायद शुरू हो गई है, मगर किसी भी पंचायत ने बिजली कनेक्शन नहीं लिया। सारे विद्युत उपकरण चोरी की बिजली से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, इन्हीं गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों में लगे सबमर्सिबल पंप कटिया कनेक्शन के सहारे पानी उगल रहे हैं। जिससे पावर कॉरपोरेशन को हर महीने लाखों रुपये की चपत लग रही है।
पंचायतों को अपने स्तर ने लेना था कनेक्शन
गांवों में संचालित सचिवालय व शौचालयों को अपने स्तर से बिजली कनेक्शन लेना था। जिसके लिए शासन की ओर से धनराशि भी दी गई है। वहीं, ग्राम पंचायत के खाते से बिजली बिल भी भुगतान किया जाना था, लेकिन पावर कॉरपोरेशन की अधिकारियों की मानें तो अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत ने बिजली कनेक्शन नहीं लिया है।
बिजली चोरी करते मिले 116 पंचायतों को दिया कनेक्शन
विद्युत वितरण खंड दो के अधिशासी अभियंता रणवीर सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक के अभियान में 116 ग्राम पंचायतों में बिना कनेक्शन के बिजली का उपयोग करते पाया गया, जिनका कनेक्शन फीड कर दिया गया है। इन पंचायत सचिवालयों में मीटर लगाकर हर महीने बिजली बिल भेेेजा जाएगा। अन्य सभी पंचायतों को बिजली कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है।
जिले में अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत ने विद्युत कनेक्शन नहीं लिया है। जबकि अधिकांश पंचायतों में अवैध तरीके से बिजली का उपभोग किया जा रहा है। इन पंचायतों में बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पंचायतों से अनुरोध किया गया है कि अपना कनेक्शन फीड कराकर ही बिजली का उपयोग करें। रमेश चंद्र, अधीक्षण अभियंता, पावर कॉरपोरेशन