फोटो-10 क्रिकेट टूर्नामेंट लिए चयनित होने पर विक्ट्री का सिंबल दिखाती अंशु तिवारी। -संवाद
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गोंडा। पंख होने से कुछ नहीं होता, हौसले से उड़ान होती है। यह कहावत को गोंडा जिले के अंशु तिवारी ने सही साबित कर दिया है। 18 अप्रैल से चंडीगढ़ के मोहाली क्रिकेट स्टेडियम में शुरू हो रहे टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए अंशु तिवारी का चयन होने की खबर से क्षेत्र में खुशी की लहर है। सीमित संसाधनों वाले परिवार से निकल कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली अंशु तिवारी के परिवार को लोगों ने बधाई दी और मुंह मीठा कराया।
शहर के दुखहरण नाथ मंदिर के पास रहने वाले एलआईसी अभिकर्ता हरीशचंद्र तिवारी की बेटी अंशु तिवारी ने यूपी की सीनियर टीम में जगह बनाते हुए मोहाली में हो रहे पांच दिवसीय टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए चयनित हुईं। आलराउंडर खिलाड़ी के रूप में अंशु 18 अप्रैल से मोहाली क्रिकेट स्टेडियम में चौके-छक्के उड़ाएगी। वह विदर्भ के खिलाफ मैच खेलेंगी। अंशु के पिता हरीशचंद्र तिवारी एलआईसी अभिकर्ता और माता प्राइवेट स्कूल में शिक्षण कार्य करती हैं। अंशु की प्रारंभिक शिक्षा सक्सेरिया इंटर कॉलेज, इसके बाद बारहवीं की पढ़ाई रोजवुड इंटर कॉलेज से हुई। पिता हरीशचंद्र तिवारी बताते हैं कि अंशु को क्रिकेट का ऐसा जुनून था कि उसने नौ साल की उम्र में ही बल्ला पकड़ लिया था। तब से आज तक यह सफर जारी है।
भाई की चोट से टूटी उम्मीद को रिश्तेदार ने दिया सहारा
अंशु के पिता हरीशचंद्र तिवारी कहते हैं कि वह सीमित संसाधनों में भी बेटी के कॅरियर पर पूरा ध्यान रखते थे। लेकिन वर्ष 2019 में उनका इकलौता बेटा चंद्रशेखर तिवारी (सत्यम) छत से गिरकर स्थाई रूप से पैरालाइज्ड हो गया। इलाज में खर्च बढ़ने से अंशु के हौसले टूट गए। लेकिन लखनऊ में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार ने बेटी का जुनून देखते हुए उसे अपने पास रखकर क्रिकेट में भविष्य बनाने के लिए मददगार बन गए। क्रिकेट में उसको मुकाम मिल सका। अंशु के सफलता पर अधिवक्ता विनय तिवारी, पंकज पांडेय, अनिल पांडेय, राघवेंद्र मोहन, पवन मिश्र आदि ने खुशी जताई।