गोंडा। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र की एक महिला पर जानलेवा हमले के डेढ़ साल पुराने मुकदमे में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने आरोपी को दस साल कारावास और आठ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी घनश्याम पांडेय ने बताया कि थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम चंदवतपुर घाट पथरकट डेरा निवासी राम दयाल पुत्र राम खेलावन ने 22 सितंबर 2020 को थाने में तहरीर देकर कहा कि उसकी चाची सीतापती पत्नी रामू आसपास के गांवों में सीलबट्टा छीनने का काम करती है। झलिया के पास रामू पासी से उसकी कहासुनी होने लगी तो रामू पासी ने तैश में आकर जान से मारने की नीयत से छीनी, हथौड़ी व चाकू से सीतापती के सिर व चेहरे पर कई वार किए। वह वह गिरकर बेहोश हो गई और रामू मौके से भाग गया। विवेचना के दौरान जानलेवा हमले के अपराध का साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी रामू पासी पुत्र समय प्रसाद निवासी ग्राम चंदवतपुर घाट पथरकट डेरा थाना कोतवाली देहात के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान न्यायालय ने आरोपी रामू पासी के विरुद्ध दलित महिला पर जानलेवा हमले का पुख्ता सबूत मिलने पर दोष सिद्ध किया। इस मामले में निर्णय देते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मो. नेयाज अहमद अंसारी ने अभियुक्त रामू पासी को जानलेवा हमले के अपराध में दस साल साधारण कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।