गोंडा। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हर रोज बड़ी संख्या में नए संक्रमित सामने आ रहेे हैं। गुरुवार को कोविड अस्पताल के डॉक्टर समेत 77 नए लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं 65 लोग कोरोना संक्रमण को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 13 संक्रमितों का सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा था जिनमें से एक में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है।
गुरुवार को 2600 लोगों की हुई कोरोना जांच में 77 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कोविड अस्पताल के डॉक्टर अनूप कुमार, सीएमओ कार्यालय के उमाशंकर वर्मा, महिला थाना के चंद्रा प्रभू व संध्या, जिला कारागार के मनोज सिंह, पीएसी लाइन के अखिलेश कुमार, पुलिस लाइन के विवेक व विनोद समेत जिले के 77 मरीजों की कोरोना रिर्पोट पॉजिटिव पाई गई। संक्रमित मरीजों को कोविड किट की दवाएं देकर होम आइसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ओमिक्रॉन का दस्तक नहीं, राहत में महकमा
जिले में कोरोना संक्रमण के नए वैरिएंट के मामले न होना राहत की खबर है। हालांकि एक व्यक्ति में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई। जिसे चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी सिंह ने बताया कि अभी तक जिले में ओमिक्रॉन के संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए 13 संक्रमितों का सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए लैब भेजा गया था जिनमें से एक में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर हर स्तर पर चौकसी बरती जा रही है। सीएमओं डॉ. राधेश्याम केसरी ने बताया कि एक मरीज डेल्टा वैरिएंट का मिलने के बाद निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित मरीजों का सैंपल लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है। जल्द ही कुछ और सैंपल के परिणाम सामने आएंगे तभी स्थिति साफ हो पाएगी।
हर स्तर पर बरतें सावधानी
जिले के सभी लोगों को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धुलने की प्रवृत्ति बनाए रखनी होगी। दूसरी लहर में ज्यादातर केस डेल्टा के थे जो बेहद खतरनाक साबित हुआ। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए वैक्सीन सबसे बड़ा हथियार साबित हो रहा है। जो लोग वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगवाएं हैं, वह किसी भी टीकाकरण केंद्र पर जाकर वैक्सीन जरूर लगवाएं। मार्कंडेय शाही, जिलाधिकारी