फोटो-6 गोंडा के कलेक्ट्रेट में गेहूं खरीद को लेकर बैठक करते जिलाधिकारी। -संवाद
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गोंडा। जिले में एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं की सरकारी खरीद में बिचौलियों का दखल क्रय केंद्र प्रभारियों को भारी पड़ेगा। खरीद केंद्रों पर बिचौलियों का दखल मिलने अथवा किसानों से अवैैध धन की उगाही की शिकायत सही मिलने पर संबधित क्रय केंद्र के प्रभारी पर सीधे मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई तय होगी। यह चेतावनी जिलाधिकारी उज्जवल कुमार ने दी। वह कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित क्रय केंद्र प्रभारियों की एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद क्रय केंद्र प्रभारियों को गेहूं खरीद से संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए डीएम ने चेताया कि खरीद कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने बताया कि पहली अप्रैल से जिले के 90 क्रय केंद्रों पर सरकारी मूल्य पर गेहूं की खरीद की जाएगी। इसके लिए क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे, नमी मापक यंत्र, किसानों के बैठने व पेयजल की समुचित व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करा ली जाए।
संबधित अधिकारियों व प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि खरीदे जाने वाले गेहूं के भंडारण हेतु पर्याप्त व सुरक्षित स्थान का प्रबंध खरीद कार्य शुरू होने के पहले ही करा लिया जाय। किसानों को गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करने व अपना अकाउंट नंबर आधार से लिंक कराने के प्रति भी जागरूक किया जाए ताकि गेहूं बेचने के बाद किसानों को 72 घंटे के अंदर भुगतान कराया जा सके।
नहीं चलेगा नमी का बहाना बताकर वापस करना
बिचौलियों से मिलीभगत कर किसानों की उपज खरीद में बांधा बनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 12 प्रतिशत नमी तक गेहूं खरीद किया जाएगा। इसलिए किसानों को नमी का बहाना बनाकर वापस करने वाले प्रभारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर प्रभारी स्वयं उपस्थित रहें तथा फ्लैक्स या बैनर पर केंद्र प्रभारी सहित उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रदर्शित किया जाएं।