किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करना बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी को महंगा पड़ गया। चीनी मिल से जुड़े 35 हजार किसानों के 61 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में अध्याशी के खिलाफ उतरौला कोतवाली में ईसी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया था। अब डीएम ने बजाज चीनी मिल अध्याशी पर शिकंजा कस दिया है। अध्याशी की गिरफ्तारी के लिए डीएम ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने शनिवार को बताया कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा के अध्याशी साकेत बंसल के खिलाफ किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में बीती दो मई को गन्ना समिति उतरौला के विशेष सचिव दिनेशचंद्र लाल ने उतरौला कोतवाली में ईसी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी।
बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने पेराई सत्र 2015-16 में क्षेत्र के 35 हजार किसानों को करीब 61 करोड़ रुपये बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान अभी तक नहीं किया है। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर भारतीय किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित अन्य कई संगठन व किसान नेता लगातार अध्याशी की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन चला रहे हैं।
सानों के बढ़ते दबाव को देखते हुए डीएम प्रीति शुक्ला ने दो जून को पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा को पत्र लिखकर गिरफ्तारी के लिए दबिश देने का निर्देश दिया है। एसपी ने बताया कि अध्याशी की गिरफ्तारी के लिए उतरौला कोतवाली की पुलिस को दबिश देने का निर्देश दिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि पेराई सत्र 2015-16 में किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने के आरोप में चीनी मिल इटईमैदा की चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड को एसडीएम उतरौला रामकेर सिंह यादव, विशेष सचिव सहकारी गन्ना समिति उतरौला दिनेशचंद्र लाल व अध्याशी चीनी मिल इटईमैदा के संयुक्त अभिरक्षा में ले लिया गया है।
ब्रिकी की राशि जिला गन्ना अधिकारी, विशेष सचिव उतरौला व अध्याशी के संयुक्त बैंक खाते में जमा कराई जा रही है। डीएम प्रीति शुक्ला के निर्देश पर चीनी, शीरा, बगास व प्रेसमड की बिक्री से उपलब्ध रकम की 95 प्रतिशत राशि से गन्ना मूल्य भुगतान किया जा रहा है।