गोंडा। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती ही जा रही है। कहीं पर सात तो कहीं 12 मरीज ही आ रहे हैं। जब मरीज कम आ रहे हैं तो चिकित्सक समय से पहले ही ताला बंद करके निकल जा रहे हैं।
सिर्फ बालपुर पीएचसी ही ऐसी रही जहां 50 मरीजों का उपचार किया गया। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों के समय से न पहुंचने तथा जरूरी जांच न होने से मरीज आरोग्य मेले से दूरी बना रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रविवार को आयोजित होना वाला मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सिर्फ दिखावा ही साबित हो रहा है। यहां न तो समय से डॉक्टर पहुंचते हैं न ही जरूरी जांच ही हो पा रही है।
इससे मरीजों को आरोग्य मेला से मोहभंग हो रहा है। रविवार को जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। अधिकांश केंद्रों पर डॉक्टर बैठे मरीजों का इंतजार करते रहे,लेकिन शाम तक गिने चुने मरीज ही मेले में पहुंचे। शासन की ओर से शाम चार बजे तक मेले के आयोजन के निर्देश हैं, लेकिन मरीज न आने से डॉक्टर दो बजे तक केंद्र बंद कर चले जाते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर के पीएचसी माधवपुर में आयोजित स्वास्थ्य मेले में दोपहर बारह बजे तक सिर्फ छह मरीज ही इलाज कराने पहुंचे। डॉक्टर बैठे मरीजों का इंतजार करते रहे।
प्रभारी चिकित्साधिकारी कृतिका प्रसाद ने बताया कि ठंड के कारण मरीज कम आ रहे हैं। सुबह से जुकाम ,बुखार के छह मरीजों का इलाज किया गया। आरोग्य मेले में डॉ. जसविंदर कौर ,डॉ. सुमन, शिल्पा वर्मा ,एनएनएम पुष्पा कुमारी ,फार्मासिस्ट दिवाकर , अंकुर ,वार्ड ब्वाय रामचंद्र व बजरंगी उपस्थित रहे ।
इसी बीच सीएचसी अधीक्षक सतपाल सोनकर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र माधवपुर मे आयोजित स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए तथा मेले में आए मरीजों की संख्या की जानकारी ली।
हलधरमऊ के बालपुर पीएचसी पर आयोजित आरोग्य मेेले में भी मरीज कम दिखे। मेले में मरीजों का इंतजार कर रहे डॉ. प्रेम दयाल ने बताया कि ठंड के कारण कम मरीज आ रहे हैं। दोपहर दो बजे तक पचास मरीजों का इलाज किया गया।
इटियाथोक के पीएचसी श्रीनगर बाबागंज में आयोजित स्वास्थ्य मेले में सन्नाटा पसरा रहा। सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सौ मरीजों का एलोपैथिक, आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक डॉक्टरों ने इलाज किया है। पीएचसी मसकनवा मे भी डॉक्टरों की टीम खाली बैठी।