गोंडा। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे प्रशासन की नजर में दबंग चढ़ गए हैं। अब तक 162 लोग चिह्नित किए गए है, जिनकी निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही मतदान के दो दिन पहले ही हाउस अरेस्ट करने या फिर थाने में लाने की तैयारी है। बीट सिपाही उनकी निगरानी करेंगे। थानों को ऐसे लोगों के बारे में रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। जिससे मतदान दिवस 27 फरवरी को किसी तरह की दिक्कत न होने पाए। किसी तरह की आशंका होने पर ऐसे लोगों को पुलिस के निगरानी में ही मतदान के दिन रखा जाएगा।
जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ 27 फरवरी को मतदान होना है। अभी से ही कसरत हो रही है कि चुनाव में किसी तरह से अशांति न होने पाए। प्रशासन ने पूर्व के चुनावों के फीडबैक के साथ सियासी रंजिश को खंगाला है, और 162 लोगों की सूची तैयार की है। जिनकी निगरानी शांतिभंग की कार्रवाई के बाद कराई जानी जरूरी है। वैसे तो 400 से अधिक लोगों को गुंडा घोषित करके जिला बदर किए जाने की कार्रवाई हो रही है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो ऐन मतदान के दिन या उससे पहले मतदाताओं पर दबाव बनाते हैं। ऐसे लोग अभी से ही प्रशासन की निगरानी में रहेंगे।
मतदान के दिन तक उनकी हर गतिविधि पर नजर रहेगी और ऐन वक्त पर प्रशासन भी उनको उनके घर में ही रोके रहेगी। उन्हें सिर्फ मतदान करने की छूट होगी। इसके बाद पुलिस की नजर में ही पूरा दिन बिताएंगे। इनमें कई बड़े भी शामिल हैं। अभी इनके नाम का खुलासा तो नहीं किया गया है, लेकिन गोपनीय रूप से सूचीबद्ध किया गया है।
मतदान के दिन बड़ों की निगरानी से चुनाव में रहती है शांति
प्रशासन बीते कई चुनावों से मतदान के दिन बड़ों की निगरानी कर रहा है। प्रशासन के इस दांव से चुनाव में मतदान के दिन शांति भी कायम रहती है। इसकी नजीर कई बार चुनाव में बन चुकी है। प्रशासन ने इस बार भी यही तैयारी की है। बीते विधानसभा चुनाव 2017 में मतदान के दिन दखल देने वाले थानों के मेहमान बनाए गए थे। छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो कोई और विवाद सामने नहीं आया था। पंचायत चुनाव में भी ऐसे की तरीकों से चुनाव में मतदान के दिन शांति रही।
2017 के विस. चुनाव में सदर में हुआ था विवाद
विस चुनाव 2017 में भी मतदान 27 फरवरी को ही था। उस समय मतदान तो शांतिपूर्ण रहा, लेकिन मतदान समाप्ति के बाद विवाद हो गया था। कोतवाली देहात क्षेत्र में फैजाबाद रोड पर एक गांव से भाजपा व शिवसेना प्रत्याशी के समर्थकों में नोकझोंक हो गई थी। ऐसे ही कुछ और छिटपुट विवाद हुए थे। ऐसे मामलों को लेकर प्रशासन ने पूरा होमवर्क किया है। इस बार अभी से दबंगों पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है।
विस चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस पूरी तरह सर्तक है। अर्धसैनिक बलों के साथ लगातार रूट मार्च किया जा रहा है। शांतिभंग करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई भी की जा रही है। संतोष कुमार मिश्र, पुलिस अधीक्षक