करनैलगंज। नगर की रामलीला में शनिवार रात मेघनाद पराक्रम, लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध की लीलाओं का मंचन किया गया। मेघनाद की ब्रह्मशक्ति से मूर्छित लक्ष्मण को हनुमान जी द्वारा लाई गई संजीवनी बूटी से होश आ गया। इसके बाद श्रीराम और कुंभकर्ण के बीच घमासान युद्ध हुआ। कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह ने रामलीला मैदान पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर अरुण कुमार वैश्य, आशीष गिरी, देवेंद्र दीक्षित, विश्वनाथ शाह, मोहित पांडेय, श्रीनाथ रस्तोगी, सौरभ वैश्य आदि मौजूद रहे।
फांसी नाटक का मंचन आज
रामलीला में सोमवार शाम 135 साल पुरानी परंपरा के तहत ‘फांसी’ नाटक का मंचन किया जाएगा। इसमें काबुल के एक व्यापारी के साथ लूट व उसके बेटे की हत्या की घटना दिखाई जाएगी। पुलिस जांच और न्यायालय में सुनवाई के उपरांत जज द्वारा अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई जाएगी। अंत में दोषी को फांसी पर लटकाने के दृश्य का मंचन किया जाएगा। (संवाद)
मनुष्य को मोह में फंसा देता है अहंकार
पसका। सहजौरा स्थित सम्मय माता स्थान पर आयोजित रामलीला में शनिवार को कलाकारों ने नारद मोह प्रसंग का मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि तप और कामदेव पर विजय के बाद नारद मुनि में उत्पन्न अहंकार को भगवान विष्णु ने लीला रचकर दूर किया। मंचन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अहंकार व्यक्ति की बुद्धि को भ्रमित कर देता है, जबकि सच्ची भक्ति विनम्रता व आत्मसंयम सिखाती है। इस मौके पर प्रमोद, गुड्डू, अनुराग, सत्यदेव, अरविंद, पवन, बेचई, शिवम आदि मौजूद रहे। (संवाद)
राम के वनगमन का हुआ मंचन
खरगूपुर। चौक बाजार में आयोजित रामलीला में भगवान राम के वनगमन, निषादराज मिलन और महर्षि वाल्मीकि आश्रम में श्रीराम के आगमन की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि माता कैकेयी द्वारा मांगे गए दो वरदानों के कारण श्रीराम राजपाट त्यागकर वन के लिए प्रस्थान कर गए। वन यात्रा के दौरान निषादराज से मिलन का प्रसंग भी दिखाया गया, जो सामाजिक समरसता और मानवीय समानता का संदेश देता है। इस अवसर पर राजीव रस्तोगी, सूरज देवराज, डॉ. रामानंद तिवारी, संजय सोनी, अनूप मोदनवाल, नवनीत त्रिपाठी, रुद्रधर दुबे आदि मौजूद रहे। (संवाद)
रावण ने छलपूर्वक किया देवी सीता का हरण
इटियाथोक। अयाह के कोटरा माता मंदिर में आयोजित रामलीला में शनिवार रात पंचवटी निवास, स्वर्ण मृग प्रसंग और सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने सजीव अभिनय कर खर-दूषण वध, मारीच का स्वर्ण मृग बनना और रावण द्वारा छलपूर्वक सीता हरण का दृश्य प्रस्तुत किया। श्रीराम की शबरी से भेंट का प्रसंग भी दर्शाया गया। इस मौके पर संतोष मिश्र, कमलेश निरंजन पटेल, लल्ला चौधरी आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार करुआपारा में आयोजित रामलीला में राम वनवास और भरत मिलाप प्रसंग का मंचन किया गया। ननिहाल से लौटे भरत बड़े भाई श्रीराम को मनाने चित्रकूट गए लेकिन उन्होंने लौटने से इन्कार कर दिया। अंततः भरत उनकी खड़ाऊं लेकर अयोध्या लौट आए। इस मौके पर काशी ओझा, प्रभात, आकाश, राजीव, लवकुश, पीतांबर धारी, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे। (संवाद)
खरगूपुर व करनैलगंज में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
खरगूपुर व करनैलगंज में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद