गोंडा। आवश्यक वस्तु निगम के ब्लॉक स्तरीय गोदामों के निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर डीएम ने तीन गोदाम प्रभारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। साथ ही मंगलवार को जिला प्रबंधक समेत चार से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके अलावा अनाज विलंब से उठान करने वाले 35 कोटेदारों पर जुर्माना लगाने का आदेश जिला पूर्ति अधिकारी को दिया गया है।
राजकीय आवश्यक वस्तु निगम के ब्लॉक स्तरीय 15 गोदामों की जांच 17 नवंबर को डीएम के निर्देश पर एडीएम ने टीम गठित कर एक साथ कराई थी। इस दौरान वजीरगंज, नवाबगंज व बभनजोत का गोदाम बंद मिला था। यहां के गोदाम प्रभारी बिना सूचना दिए गायब थे। मुजेहना में कांटा खराब मिला, जबकि कटराबाजार में इलेक्ट्रानिक कांटा व बभनजोत में बैनर नहीं लगा हुआ था। जांच में मुजेहना के 9, कटराबाजार के 20 व करनैलगंज के 6 कोटेदारों द्वारा नवंबर माह का अनाज समय से उठान न करने की पुष्टि हुई थी। यही नहीं बेलसर व कटराबाजार के गोदाम प्रभारियों की उपस्थिति पंजिका नहीं मिली थी, जबकि मुजेहना में स्टॉक व निर्गमन रजिस्टर में कटिंग पाई गई थी। इसकी रिपोर्ट एडीएम सीपीएन उपाध्याय ने डीएम को भेजी थी। इस पर डीएम डॉ. रोशन जैकब ने मुजेहना के गोदाम प्रभारी बद्री विशाल तिवारी, बेलसर के गोदाम प्रभारी शिववचन सिंह व कटराबाजार के गोदाम प्रभारी राम सेवक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के साथ ही बिना सूचना दिए के गायब रहने वाले वजीरगंज के गोदाम प्रभारी उदयभान तिवारी, नवाबगंज के गोदाम प्रभारी परमानन्द व बभनजोत के गोदाम प्रभारी अशोक कुमार सिंह से दो दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने देरी से अनाज उठान करने वाले 35 कोटेदारों पर जुर्माना लगाने का आदेश जिला पूर्ति अधिकारी को देते हुए गोदाम पर मिली खामियों के संबंध में आवश्यक वस्तु निगम के जिला प्रबंधक से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण तलब किया है। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है यदि जवाब विलंब से अथवा संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो दोषी मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।