गोंडा। अब प्रसूता महिलाओं को सेहत की जांच के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे तक दौड़भाग नही करनी होगी। उनके सेहत की कुंडली स्वास्थ्य विभाग तैयार करेगा। इसके लिए मां-नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) की व्यवस्था को जिले में लागू कर 96 डिलीवरी सेंटरों को मंत्र एप से जोड़कर डिजिटल बनाया जाएगा।
इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण हो गया है। अब जल्द ही इसका क्रियान्वयन भी शुरू होगा। इसके माध्यम से घर के नजदीकी डिलीवरी केंद्र पर ही प्रसूता महिलाओं को सभी तरह की जरूरी स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। इतना ही नही हर प्रसूता महिला का एक डाटा भी तैयार होगा, जो अपडेट होता रहेगा। इससे उनकी सेहत के बारे में सभी जानकारी चिकित्सक को मिल सकेगी।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मां-नवजात ट्रैकिंग एप (मंत्र) योजना लागू की है। इसके तहत स्टाफ नर्स को भर्ती गर्भवती का समय व उसकी स्थिति, दिया गया उपचार व प्रसूता को रेफर करने या न करने का कारण समेत अन्य सभी जानकारी एप पर देना होगी। इसकी ऑनलाइन निगरानी होगी।
इससे संस्थागत प्रसव की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इस योजना के लिए जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों या फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत 96 प्रसव केंद्रों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। प्रसव केंद्रों को मां नवजात ट्रैकिंग एप से जोड़ा जाएगा। एप से प्रत्येक प्रसव केंद्र पर हुए प्रसव, आई गर्भवती की तत्काल सेहत की स्थिति, केंद्र पर मिले इलाज का विवरण देखकर उस समय हुई लापरवाही पकड़ी जा सकेगी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एपी सिंह ने बताया कि इस कार्ययोजना के लिए नर्स मेंटर, स्टॉफ नर्स, ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक और बीएमसी यूनिसेफ को जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता से प्रशिक्षण दिया गया है।
इससे सभी लाभार्थियों का डाटा ऑनलाइन फीड करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसे मंत्र एप में भरकर उसको जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव के बाद नवजात में होनी वाली जटिलताओं को एप पर भरने के बाद उसको उच्च स्वास्थ्य इकाइयों पर संदर्भित किया जाएगा, जहां उसे बेहतर इलाज मिल सकेगा।
महिला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने पर सबसे पहले इस एप के माध्यम से गर्भवती और नवजात का स्वास्थ्य संबंधी सभी डाटा ऑनलाइन तत्काल भरा जाएगा। एप के माध्यम से ही जिला और प्रदेश स्तर से गर्भवती के प्रसव उपरांत नवजात की मानिटरिंग की जाएगी, अगर कहीं कोई परेशानी आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सक सर्तक रहेंगे और हर पल