जिले में अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से 47 घर जल गए। नवाबगंज थाना क्षेत्र के लौव्वावीरपुर गांव के मजरा बिरई धोबीपुरवा में शुक्रवार की दोपहर आग लगने से गैस सिलेंडर भी फट गया, हालांकि सिलेंडर फटने से कोई हताहत नहीं हुआ है। वहीं, धानेपुर के जोतिया गांव में बिजली के तार टकराने से निकली चिंगारी से लगी आग में 36 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के लौव्वावीरपुर गांव के मजरा बिरई धोबीपुरवा में शुक्रवार की दोपहर अज्ञात कारणों से घनश्याम के छप्पर के घर में आग लग गई। आग की चपेट में आकर पड़ोस के रामप्रसाद, सियाराम, कालीप्रसाद, छोटकऊ, सुरेश, मनिराम, बड़कऊ, सीतराम, अजय व काली के घर भी जल गए। आग के कारण छोटकऊ के घर में रखा गैस सिलेंडर फट गया। हालांकि सिलेंडर फटने से कोई हताहत नहीं हुआ है।
आग से तीन लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। वहीं, धानेपुर थाना क्षेत्र के जोतिया गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग में पारसनाथ तिवारी की चार बीघा, कैलाशनाथ तिवारी की चार बीघा व रामेश्वर प्रसाद की चार बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
उधर, खरगूपुर थाना क्षेत्र के झूरीकुइयंा गांव के मजरा तिवारीपुरवा में शुक्रवार की दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई। जिसमें श्याम नारायन, पूजाराम, गजराज, विष्णु, दद्दू व गुगन्ने का छप्पर जलकर राख हो गया। आग से दो लाख रुपये की क्षति हुई है। इसी थाना क्षेत्र के हिंदूनगर बांकी गांव के मजरा तेलईपुरवा में शुक्रवार की दोपहर लगी आग से पूर्व ग्राम प्रधान अजीत सिंह की चार एकड़ गन्ने की फसल जलकर राख हो गई।
उधर, वजीरगंज क्षेत्र के चंदापुर महोलिया गांव में शुक्रवार की दोपहर चूल्हे से निकली चिंगारी से गांव के त्रिलोकी सिंह के घर में आग लग गई। आग की चपेट में आकर पड़ोस के बब्बन सिंह, युद्धवीर सिंह, रामअवतार, रज्जाक, रहमत अली, रिजवान, जमालुद्दीन, घिराऊ व प्रहलाद के घर जल गए। यहीं के बरकत की दो लाख रुपये की तंबाकू की फसल जल गई। तुलसीराम व भारत सिंह का सागौन का बाग जल गया।
इसी थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव के मजरा अहिरन पुरवा में आग से तिलकराम, मंगरे, सियाराम, बाबूराम, रमेश, गिरवर, छेदी, शीतल, धर्मराज, सुरेश, पूजारी, पंडित, रामसिंह, सोहन व तिलकराम यादव के घर जल गए। आग से पांच लाख रुपये की क्षति हुई है।
उधर, मसकनवां क्षेत्र के मनिपुर टांगिया जंगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। इस दौरान कई दर्जन बोटा जल कर राख हो गए। रेंजर पलटूराम मौके पर पहुंचे। उन्होंने फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन अगिभनशमन की लेटलतीफी देख टांगियावासी व वन कर्मियों ने खुद ही आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने बताया कि जले हुए बोटों की कीमत लगभग पचास लाख से ऊपर है। इन बोटों को नीलामी कराने के लिए यहां रखा गया था।