कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन और जिले के प्रभारी मंत्री शाहिद मंजूर की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक हुई। इसमें माननीयों ने 38 विभागों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर चर्चा की गई। चर्चा के दौरान इन विभागों के 2.79 अरब रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पारित किए गए।
जिला योजना वर्ष 2016-17 के लिए 38 विभागों ने बैठक में विकास कार्य कराने के लिए दो अरब 78 करोड़ 61 लाख रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किये। कृषि विभाग ने 37.45 लाख, गन्ना विभाग ने 759.94 लाख, लघु सीमांत विभाग ने 150 लाख, पशुपालन विभाग ने 70 लाख, दुग्ध विकास ने 66.14 लाख, मत्स्य विभाग ने 0.20 लाख, वन विभाग ने 253.44 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम एनआरएलएम के तहत 46.70 लाख, भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग ने 68.31 लाख, रोजगार कार्यक्रम के तहत 6977.30 लाख, पंचायतीराज विभाग ने 847 लाख और सामुदायिक विकास ग्राम विभाग ने 20.48 लाख रुपये के प्रस्ताव पेश किये।
राजकीय लघु सिंचाई विभाग ने 338.92 लाख, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के लिए 15.30 लाख, सड़क एवं पुलों के निर्माण व मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी ने 4520.18 लाख, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 10 लाख, पर्यावरण के लिए पांच लाख, पर्यटन विभाग ने 170 लाख, बेसिक शिक्षा विभाग ने 479 लाख और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 80 लाख रुपये के प्रस्ताव रखे।
वहीं, प्रादेशिक विकास दल विभाग ने 4.50 लाख, खेलकूद के लिए 100 लाख, एलोपैथी चिकित्सा विभाग ने 500 लाख, परिवार कल्याण विभाग ने 200 लाख, आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा विभाग ने 97.91 लाख, होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग ने 59.80 लाख व नगर विकास विभाग ने 143.86 लाख के प्रस्ताव पेश किए।
ग्राम विकास विभाग ने ग्रामीण पेयजल योजना के लिए 1360 लाख, पंचायतीराज विभाग ने ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के तहत 750 लाख, ग्रामीणों को आवास उपलब्ध कराने के लिए 3327.63 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग ने 105.75 लाख, जनजाति कल्याण विभाग ने 97.19 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 105.00 लाख, सामान्य छात्रवृत्ति के लिए 140 लाख, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए 20.32 लाख, समाज कल्याण विभाग ने 150.90 लाख, विकलांग कल्याण विभाग ने 86.36 लाख और महिला कल्याण विभाग ने 335.16 लाख रुपये के प्रस्ताव रखे। चर्चा के दौरान जिले के विकास के लिए माननीयों ने सभी प्रस्ताव पारित करा दिए।
इस दौरान जंतु उद्यान व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव, सदर विधायक जगराम पासवान, उतरौला विधायक आरिफ अनवर हाशमी, तुलसीपुर विधायक मशहूद खां, डीएम प्रीति शुक्ला, एसपी राजीव मल्होत्रा, सीडीओ रवीश गुप्ता सहित सभी विभागों के अधिकारी एवं जिला योजना समिति के सदस्यगण मौजूद रहे।
जिला योजना समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री के समक्ष जनपद के तीन विभागों के अफसरों पर माननीयों ने लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। प्रभारी मंत्री ने माननीयों की शिकायत पर तीनों विभागों के एक्सईएन से जवाब तलब किया है।
पावर कॉरपोरेशन, दुग्ध उत्पादन व नलकूप के एक्सईएन पर चिकित्सा राज्यमंत्री, तुलसीपुर विधायक, सदर विधायक, उतरौला विधायक व ब्लॉक प्रमुख शफीक अहमद सहित अन्य माननीयों ने लापरवाही की शिकायत की। इसे संज्ञान में लेते हुए प्रभारी मंत्री ने इन अफसरों के खिलाफ जवाब के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।