रगड़गंज (गोंडा)। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में न्यूनतम मजदूरी में कार्यरत रसोइयों का पांच माह का मानदेय विभाग दबाये हुए हैं। बेलसर ब्लॉक के 600 रसोइयों का 45 लाख का मानदेय भुगतान पिछले जुलाई माह से नहीं हुआ है, जिससे रसोइयों का परिवार चलाने में परेशानी हो रही है। वहीं रसोइयों को बुढ़ापे में पेंशन देने के लिए शुरू प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में प्रीमियम नहीं जमा हो रहा है।
विकास खंड बेलसर के 270 परिषदीय प्राइमरी व जूनियर स्कूल, एडेड प्राइमरी व जूनियर स्कूल, एडेड इंटर कॉलेजों में करीब 600 रसोइया कार्यरत हैं। रसोइयों को 1500 रुपये प्रति माह की दर से भुगतान किया जाना है। 270 स्कूलों में 600 रसोइया बच्चों के लिए भोजन बनाने का काम कर रही हैं, लेकिन इन्हें जुलाई माह से भुगतान नहीं किया गया है। सामान्य व पिछड़ी जाति की रसोइयों को मार्च व अप्रैल 2018 व अनुसूचित जाति, जनजाति की रसोइयों को अप्रैल 2018 तक भुगतान पिछले जुलाई माह में किया गया था।
सरकार रसोइयों को सिर्फ 10 माह का मानदेय देती है। मई माह में भी रसोइया 20 दिन कार्य करती हैं, लेकिन उनकी मजदूरी नहीं दी जाती हैं। इतने कम मजदूरी में काम करने वाली रसोइयों को 20 दिन मुफ्त में काम कराया जाता है। रसोइयां अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में कभी इस पर सवाल नहीं कर पाती हैं जिससे स्कूलों में 20 दिन काम करके भी पैसा नहीं पाती हैं। 600 रसोइयों को एक माह का करीब नौ लाख रुपये हर माह भुगतान किया जाना है।
पांच माह बीत जाने के बाद रसोइयों को एक रुपये का भी भुगतान नहीं किया गया। अफसरों ने रसोइयों का मानदेय भुगतान कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जिससे स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने जिले में बजट भेजकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व जिला समन्वयक एमडीएम को एक सप्ताह के भीतर रसोइयों के खाते में मानदेय भेजने के निर्देश दिए है।
प्राथमिक शिक्षक संघ बेलसर के अध्यक्ष उमा शंकर सिंह का कहना है कि रसोइयों को समय से मानदेय कभी नहीं दिया जाता है। पांच माह से मानदेय न मिलने से रसोइयों को परिवार चलाने में परेशानी हो रही है। डीसी एमडीएम हमेशा बजट नहीं होने की बात करते है। मुख्यमंत्री को इस समस्या के लिए पत्र लिखकर अवगत कराया गया है।
जिला समन्यवक एमडीएम गणेश गुप्ता का कहना है कि एक सप्ताह में खाते में पहुंच जाएगा मानदेय रसोइया मानदेय का बजट अभी तक नहीं था। कुछ दिन पहले जिले में बजट मिला है। मुख्य विकास अधिकारी व जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद एक सप्ताह के भीतर रसोइयों के खाते में मानदेय भेज दिया जाएगा।