गोंडा। जिले में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पिछले दो दिन में उल्टी-दस्त व डायरिया के लक्षण वाले 18 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए। वहीं, विभिन्न डॉक्टरों की ओपीडी में उल्टी-दस्त के करीब सौ मरीजों का इलाज किया गया। हाल ये है कि जिला अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। ऐसे में अब वार्ड के बाहर गैलरी में मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में रविवार को डायरिया के लक्षण वाले आठ मरीजों को भर्ती कराया गया। वहीं, सोमवार को भी डायरिया के मरीजों के भर्ती होने का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को वजीरगंज की तीन वर्षीय अंशिका, इटियाथोक के मोनू, बैरागीपुरवा की पूजा, कोतवाली देहात के छेदीपुरवा की रेनू सहित दस लोगों को डायरिया होने पर भर्ती कराया गया।
मरीजों की बढ़ी तादात के चलते जिला अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। ऐसे में मेडिकल वार्ड के बगल की गैलरी में बेड लगाकर तथा कोविड अस्पताल में मरीजों का इलाज कराना पड़ रहा है। वहीं, निजी अस्पतालों में भी डायरिया के मरीजों का तांता लगा हुआ है। गांवों में डायरिया के प्रकोप की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ओआरएस का पाउडर व दवाएं बांटने लगी हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डायरिया के मरीज बड़ी संख्या में भर्ती हो रहे हैं। रविवार को मसकनवा के वीरपुर पीएचसी पर जगदेव व अवधेश को उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने डायरिया होने की बात कही।