गोंडा। गांव में स्वास्थ्य सेवा बेहतर बनाने के लिए सरकार गांवों में उप स्वास्थ केंद्रों का निर्माण कराके सभी सेंटर पर एएनएम की तैनाती कर दिया। लेकिन सभी केंद्र खंडहर में तब्दील हो गए है। सेंटर पर बड़ी घास लगी है।
देखने से ही लगता है कि बनने के बाद से टाला नहीं खुला है, जबकि इन केंद्रों के कायाकल्प के बजट भी आ रहा है। लेकिन कागज में पैसा खर्च करके जिम्मेदार बंदर बाट कर लेते है। एक उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में करीब 12 से 15 लाख रुपये का बजट होता है।
विकास खंड हलधरमऊ में कुल 16 उप स्वास्थ केंद्रों करीब सवा दो करोड़ रुपये की लगत से बने हैं। लेकिन सभी केंद्रों की हालत बहुत खराब है। स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती होने के बाद भी किसी भी केंद्र का ताला नहीं खुल रहा है।
जबकि जारी निर्देश में सभी केंद्रों पर सोमवार गुरुवार व शुक्रवार को एएनएम अपने सेंटर पर बैठकर ओपीडी, टीका कारण, स्तन पान का सुझाव व जानकारी, नवजात शिशुओं की देखभाल की जानकारी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवा की जिम्मेदारी सौपी गयी है।
लेकिन स्वास्थ्य कर्मी केवल कागज की पूर्ति करके जमा कर देते हैं। सभी 16 स्वास्थ्य केंद्र में झाड़ झंखाड़ उगी हुई है। बैठने की व्यवस्था तक नहीं है। परसा गोड़री में तो उप स्वास्थ्य केंद्र सड़क के नीचे बना है जाने का रास्ता ही नहीं है।
पतिसा उप केंद्र की खिड़की दरवाजा चोरी हो गया। फर्स टूट गयी है। छत गिरने वाली है। बालपुर का केंद्र भी गिरने वाला है। छिटनापुर, मैजापुर, नगवा कला, नहवा परसौरा, निदुरा, सेल्हरी, धोबहाराय, गौरवा खुर्द, परसा गोड़री, पतिसा, पहाड़ापुर, बरांव, बालपुर, हलधरमऊ सहित अन्य गांवों का स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हो गये।