दिल्ली में गैंगरेप की घटना ने भले ही पूरे देश को झकझोर कर रख दिया हो लेकिन अराजकतत्वों को कानून का भय नहीं है।
छेड़खानी का विरोध करने पर रविवार को दबंगों ने पिता को खाना देने जा रही किशोरी को जिंदा जला दिया।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों में एक को गिरफ्तार कर लिया, दो की तलाश की जा रही है।
रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मपुरा जागीर निवासी अंगद सिंह परिहार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार को वह परिवार समेत खेतों पर फसल कटाई कर रहा था।
घर में 16 वर्षीय बेटी अनिता (बदला हुआ नाम) थी जो नाश्ता बनाकर उन लोगों को खेतों पर देने आ रही थी। सुबह तकरीबन 11 बजे वह गांव के बाहर पहुंची तो गांव के ही कल्लू पंडित, रानू पंडित और नवल किशोर ने उसे बुरी नियत से पकड़ लिया।
विरोध करने पर दबंगों ने अरहर की घास फूस में आग लगाकर बेटी को उसी में धक्का दे दिया। आग की चपेट में आकर अनिता शोर मचाने लगी।
चीख पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी भाग गए। ग्रामीणों ने उसे बचाया और सूचना दी। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से किशोरी को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
अस्पताल में ही अनिता ने पिता को पूरी घटना की जानकारी दी। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वारदात की जानकारी एसपी राकेश शंकर को हुई तो उन्होंने थानाध्यक्ष को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी नवल किशोर को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ने कहा कि पुलिस बाकी दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
उधर थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक पिता ने छेड़खानी और फिर जिंदा जला देने की रिपोर्ट लिखाई है। लेकिन गांव से मिली प्राथमिक सूचनाओं में किशोरी की हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग भी एक कारण बताया जा रहा है।
मुख्य आरोपी कल्लू पंडित के भाई झल्लू की अनिता से दोस्ती थी जिसको कल्लू पसंद नहीं करता था। रविवार को झल्लू पत्नी को लेने ससुराल गया था। इसी बीच मौका पाकर कल्लू, रानू एवं नवल किशोर ने किशोरी से छेड़खानी की और विरोध करने पर उसको जिंदा फूंक दिया।