भाकपा माले की ओर स्थानीय एक स्कूल के परिसर में दिवंगत नेता विनोद मिश्रा का 23वां स्मृति दिवस शनिवार को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान भाकपा माले के जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि विनोद मिश्र साहसी और संघर्षशील नेता थे। कहा कि जनसंघर्षों की जीत की गारंटी मजबूत पार्टी ही कर सकती है। विनोद मिश्र के अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि विनोद मिश्रा ने कहा था कि इतिहास के बड़े सवाल सड़कों पर जनसंघर्षों से ही हल होते हैं। कोविड महामारी की आड़ में सरकार ने तीन काले कृषि कानूनों के जरिये खेती को बड़ी प्राइवेट कंपनियों के हवाले करने की कोशिश की लेकिन किसानों ने महामारी के बीच एक वर्ष तक आंदोलन चलाकर इतिहास रच दिया। किसान आंदोलन पर हमलों और उन्हें बदनाम करने की तमाम कोशिशों के बाद भी वह डटे रहे। अंतत: मोदी सरकार को इस कानून को पूरी तरह से वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस आंदोलन ने देश में चल रहे लोकतांत्रिक आंदोलनों को ताकत दी। इस अवसर पर जगबली राजभर, विजयी वनवासी, मुराली वनवासी, लालू बिंद, बुच्चीलाल, बद्दू बिंद, महेंद्र राम, सुकरा देवी ने संबोधित किया।