इसके बाद वह सीडीओ श्रीप्रकाश गुप्ता व अन्य अधिकारियों के साथ गुल्लू मल्लाह से मिलने उसके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बच्ची के लालन-पालन से लेकर उसके भविष्य की सभी जरूरतों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा, गुल्लू ने बहुत नेक काम किया है। उनके कार्य की प्रशंसा जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक हो रही है।
उन्होंने गुल्लू मल्लाह से प्रशासन की ओर से मदद के बारे में पूछा तो गुल्लू ने बताया कि उसके पास तीन कमरों का मकान है और वह अपने चाचा की नाव चलाता है। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें तात्कालिक रूप से एक नाव देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा नाविक ने बच्ची को बचाकर मानवता का उदाहरण दिया है। प्रदेश सरकार उन्हें धन्यवाद देते हुए आवास की सुविधा देगी। यदि उनके पास अपना आवास है तो पात्रता के अनुसार अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। प्रदेश के सभी अधिकारी मानवता की मिसाल कायम करने वालों को प्रोत्साहित करें।