2017 में पहली बार विधायक बनीं संगीता बलवंत बिंद पिछड़ी जाति से आती हैं। पूर्वांचल में इस समुदाय के काफी संख्या में मतदाता हैं। संगीता की पहचान जमीन से जुड़े नेताओं के तौर पर होती है। अपने क्षेत्र में वह काफी लोकप्रिय भी हैं। आगामी चुनाव को देखते हुए इनकी भूमिका काफी अहम हो सकती है।
संगीता बलवंत की राजनीतिक करियर की शुरुआत बसपा के साथ हुई थी। 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रहे और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन्हें भाजपा में शामिल कराया। कहा जाता है कि मनोज सिन्हा के प्रयासों के कारण संगीता को 2017 विधानसभा चुनाव में सदर विधानससभा से टिकट मिला था।