सवाल किया कि अगर आईसीयू में भर्ती कोई भी व्यक्ति ठीक भी हो जाता है तो उसे 12 घंटा, 24 घंटा 48 घंटे आब्जर्वेशन में रखा जाता है। लेकिन, मेरे पिता को 26 तारीख की भोर में चार बजे आईसीयू में और शाम पांच बजे बांदा के जेल में तन्हाई बैरक में रखा जाता है। जो आरोप हमने लगाए हैं, वो अब तह-ब-तह खुलते जा रहे हैं और साबित होते जा रहे हैं।
उमर अंसारी ने एक सवाल पर कहा कि स्टेट चाहता तो भाई अब्बास को ला सकता था। उन्होंने कहा कि यह शायद किसी को पता नहीं है कि जब मेरे पिता पंजाब से बांदा जेल लाए गए थे तो उस समय जेल की क्यारियों में कोई फूल नहीं बचे थे। बंदियों और कैदियों ने फूल तोड़कर उनपर वर्षा की थी।
मुख्तार की मौत पर पूर्व मंत्री ने व्यक्त की शोक संवेदना
प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी और राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी समेत कई जिलों से सपा विधायक बृहस्पतिवार को फाटक पर पहुंचे। सांसद अफजाल अंसारी से मिलकर मुख्तार अंसारी की मौत पर अपनी संवेदना प्रकट किए। पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि दुख की घड़ी में हम सभी समाजवादी पार्टी के लोग पीड़ित अंसारी परिवार के साथ हैं।
इस प्रकरण में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद अफजाल अंसारी जो भी निर्णय लेंगे, सपा के सभी कार्यकर्ता उनके साथ रहेंगे। वहीं बलिया जनपद के फेंफना से विधायक संग्राम सिंह यादव, पूर्व मंत्री लाल जी वर्मा, विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने भी शोक प्रकट किया।