नगर सहित ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति के लिए सड़कों के किनारे, खेतों में और मुहल्लों में स्थापित ट्रांसफार्मर इन दिनों हादसों का सबब बना हुआ है। वजह कहीं ट्रांसफार्मर झाड़ियों में घिरा हुआ है तो कहीं खुले में ही रखा हुआ है। कई बार शिकायत के बाद भी विद्युत विभाग की तंद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है, ऐसे में किसी बड़े दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
नगर के सिटी रेलवे स्टेशन तिराहा पर सड़क किनारे विद्युत विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। यह ट्रांसफार्मर सड़क से काफी सटा हुआ है। ट्रांसफार्मर से प्लेटफार्म से सटकर कई लोग सब्जी की दुकान लगाते हैं। ट्रांसफार्मर को लोहे की जाली लगाकर घेरा भी नहीं गया है। रोडवेज बसों के मोड़ से घूमने के दौरान ट्रांसफार्मर में सटने का भय बना रहता है। ट्रांसफार्मर से सटकर कई लोग सब्जी की दुकानें भी लगाते हैं। इस ट्रांसफार्मर की केबिल में कई बार आग लगने की घटना भी हो चुकी है, जिससे अफरा-तफरी मच चुकी है। बावजूद इसके विभाग सुरक्षा की दृष्टि से ट्रांसफार्मर को कहीं दूसरे जगह स्थापित करने या घेरवानों को लेकर गंभीर नहीं है। वहीं एलआईसी चौराहे को जाने वाले मार्ग एवं महुआबाग से आमघाट जाने वाले मार्ग के किनारे में खुले में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है, जो हादसे को दावत दे रहा है। बारा संवाददाता के अनुसार सेवराई तहसील क्षेत्र के गहमर में राजकीय गर्ल्स इंटर कालेज और स्व. विश्वनाथ सिंह गहमरी पार्क के मध्य राष्ट्रीय राज्य मार्ग के निकट लगा ट्रांसफार्मर विभागीय उदासीनता के कारण झाड़ियों के मध्य घिरा हुआ है।जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। स्थिति यह है कि गहमर गांव में विद्युत आपूर्ति के लिए बारा-ताड़ीघाट मुख्य राज्य मार्ग के निकट करीब आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर खुले में ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं, जो आए दिन हादसों के कारण बने रहते हैं। विधुत विभाग की उदासीनता से आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि राजकीय गर्ल्स इंटर कालेज और स्व. विश्वनाथ सिंह गहमरी पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों के मध्य लगा 250 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर झाड़ियों से घिर कर काफी खतरनाक हो गया है।