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सेना के हवलदार का पार्थिव शरीर पहुंचते ही मचा कोहराम

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श्रीनगर के कूपवाड़ा में बीते 29 अक्तूबर को हृदयगति रुकने से सेना के हवलदार का निधन हो गया था। रविवार की शाम पार्थिव शरीर पैतृक गांव घटारो पहुंचते ही कोहराम मच गया। एसडीएम वीरबहादुर सिंह यादव और सीओ गौरव कुमार के साथ राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि देकर नमन किया। अपने लाल की एक झलक पाने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी रही। वाराणसी से आए सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर देने के साथ पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। देर शाम करीब साढ़े सात बजे लोग अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर लेकर गाजीपुर श्मशान घाट के लिए निकल गए।
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गांव निवासी सेना के जवान धीरेंद्र यादव वर्ष 2004 में सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान समय में वह सेना की एमसी कोर रेजीमेंट में कूपवाड़ा में हवलदार के पद पर तैनात थे। बीते 29 अक्तूबर को ड्यूटी के दौरान हृदयगति रुकने से उनका निधन हो गया। 30 अक्तूबर को अधिकारियों ने इसकी सूचना परिवार के सदस्यों को दी। इससे परिजनों के रोने-बिलखने से गांव में मातम पसर गया। विधायक त्रिवेणी राम, सपा के विधानसभा अध्यक्ष कमलेश यादव, भाजपा के राज्यमंत्री प्रभुनाथ चौहान, सांसद अफजाल अंसारी तथा सपा के जिलाध्यक्ष रामधारी यादव सहित भीम आर्मी के मंडल अध्यक्ष गोरखनाथ राम के साथ जखनिया के एसडीएम वीरबहादुर सिंह यादव, सीओ भुड़कुड़ा गौरव कुमार भी दिवंगत के घर पहुंचे। पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से पैतृक गांव शाम साढ़े पांच बजे पहुंचा। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। पत्नी संगीता और छोटा भाई कृष्णा यादव के बिलखने से सन्नाटा पसर गया। परिजनों ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व धीरेंद्र यादव ने छोटे भाई कृष्ण यादव से फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने भाई से बताया था कि अब डेंजरस एरिया में जाना है। वहां पर नेटवर्क की दिक्कत होती है। बीते 27 अक्तूबर को पत्नी से भी फोन पर बात कर अपना और बच्चों का विशेष ख्याल रखने को कहा था। इसबीच 29 अक्तूबर की सुबह धर्मेंद्र के मौत की सूचना परिवार के सदस्यों को मिली, कोहराम मच गया।
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