फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

43 डिग्री से मौसम कर रहा अत्याचार

विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम की मार अब लोगों पर भारी पड़ने लगी है। तीन दिनों से उमस भरी गर्मी और तीखी धूप ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री एवं न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में तेज धूप के कारण दोपहर में नगर सहित ग्रामीण इलाकों में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन

तेज धूप और पुरुआ हवा के चलते उमस बढ़ती ही जा रही है। उमस और शरीर से निकलते पसीने से लोग परेशान हो गए हैं। पसीना निकलने के कारण थकावट और कमजोरी महसूस हो रही है। सुबह आठ बजे के बाद ही तेज धूप लोगों को झुलसा रही है। दोपहर में शहर और ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। लोग जरूरी कामों से ही घर से निकले। वह भी गमछा और टोपी से सिर ढंकने के बावजूद भी धूप से बिलबिला रहे हैं। पेड़ के नीचे थोड़ी राहत मिल रही थी, लेकिन पसीने ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दी। इससे पशु-पक्षी भी बेहाल दिखाई पड़े। लोग गर्मी से बचने के लिए तरबूज, खीरा, बेल का शर्बत, आम का पन्ना आदि का सेवन कर रहे हैं। गला को तर करने के लिए शीतल पेय पदार्थ, दही की लस्सी और बोतलबंद पानी का सहारा ले रहे हैं। बावजूद राहत नहीं मिल रहा है। यही नहीं घरों में गर्मी से राहत के लिए लगा पंखा, कूलर और एसी भी काम नहीं कर रहा है। ऐसे में उमस और गर्मी से लोगों की इन दिनों परेशानी बढ़ गई है। इधर बिजली कटौती लोगों पर भारी पड़ने लगी है।
मरदह संवाददाता के अनुसार बिजली के आंख मिचौली से घरेलू उपकरण शोपीस बन जा रहे हैं। तापमान में बढ़ोतरी के बीच बिजली भी अब लोगों को रुलाने लगी है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की अंधाधुंध कटौती होने लगी है। कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल हो जा रही है। जबकि विद्युत विभाग की ओर से गर्मी के शुरुआत में ही आपूर्ति को लेकर व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने का दावा किया गया था, लेकिन सब फिसड्डी साबित हो रहा है। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता भी खुलकर सामने आ गयी है़। गर्मी तेज पड़ने के साथ ही बिजली की आपूर्ति व्यवस्था भी बेपटरी होने लगी है। निर्धारित रोस्टर 18 घंटे के सापेक्ष आठ से नौ घंटे ही आपूर्ति हो रही है।
विज्ञापन

अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की तादात
गाजीपुर। उमस भरी गर्मी में खान-पान में थोड़ी लापरवाही लोगों के लिए आफत बन चुकी है। स्थिति यह डायरिया के मरीजों की तादात बढ़ती जा रही है। रविवार को जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में सुबह से शाम तक करीब डायरिया से पीड़ित 30 मरीज पहुंचे, जिन्हें उपचार मुहैया कराया गया। यही स्थिति बुखार पीड़ित मरीजों का भी है। सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों ने एहतियात और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें