कासिमाबाद। सलामतपुर, सनेहुंआ और महुली बांध में 29 बीघा भूमि के आवंटन में उपजिलाधिकारी कासिमाबाद की जांच रिपोर्ट पर प्रभारी रजिस्ट्रार सुमित कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तत्कालीन लेखपाल को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। वहीं, उपजिलाधिकारी ने पट्टे को निरस्त करने के साथ भूमि के आवंटन की स्वीकृति प्रदान करने में शामिल उच्चाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरी पत्रावली जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी है।
मालूम हो कि कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के सलामतपुर, सनेहुंआ और महुली बांध में 29 बीघा भूमि का आवंटन पूर्व ग्राम प्रधान के साथ तहसील के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से किया गया था। 22 अप्रैल 2022 को इस पट्टे का नामांतरण भी तब हुआ जब इसमें शामिल सभी अधिकारी, कर्मचारी यहां से स्थानांतरित हो गए। मामले की जानकारी ग्राम प्रधान जितेंद्र कुमार सरोज को हुई जो उन्होंने पूरी पत्रावली की नकल निकालकर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी से इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने और पट्टे को निरस्त करने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच उप जिलाधिकारी कासिमाबाद कमलेश कुमार सिंह को सौंपी थी। उन्होंने सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान में लेखपाल व प्रभारी रजिस्ट्रार सुमित कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तत्कालीन लेखपाल अखिलानंद तिवारी को निलंबित करने के लिए सेवराई उपजिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।
पूर्व प्रधान के हस्ताक्षर से प्रस्ताव लेने का आरोप
उप जिलाधिकारी कासिमाबाद कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि अब तक जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार, सलामतपुर सनेहुंआ और महुली बांध में लेखपाल कृष्ण मुरारी पांडेय के रहते सोनबरसा पर तैनात लेखपाल अखिलानंद तिवारी और मरदह के कानूनगो जयप्रकाश सिंह ने अलग से लगाकर पूर्व प्रधान के हस्ताक्षर से प्रस्ताव लेकर भूमि आवंटन किया है। लेखपाल अखिलानंद वर्तमान में सेवराई में तैनात हैं, उसके निलंबन की कार्यवाही के लिए लिखा गया है।