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नम आंखों से दी जवान को अंतिम विदाई

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कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर गांव में शुक्रवार को सेना के जवान का पार्थिव शरीर पैतृक आवास पहुंचते ही जनसैलाब उमड़ पड़ा। परिजनों के रोने-बिलखने से गांव में मातम पसर गया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर देकर जवान को श्रद्धांजलि दी। मुखाग्नि बड़े भाई बृज भूषण यादव ने दिया। सैनिक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ गाजीपुर श्मशान घाट पर किया गया।
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सेना के जवान रामनिवास यादव 20 अगस्त को पठानकोट में एनएसजी कमांडो के लिए हो रही दौड़ में प्रतिभाग कर रहे थे। तेज धूप और गर्मी के कारण तबीयत खराब हो गई। जिन्हें इलाज के लिए पहले पठानकोट में भर्ती कराया गया था। हालत ज्यादा खराब होने से तत्काल आरआर मिलिट्री हॉस्पिटल नई दिल्ली में भर्ती कराया गया था। बीते 25 अगस्त की रात उनकी मौत हो गई थी। उनका पार्थिव शरीर एंबुलेंस के द्वारा नई दिल्ली से 39 जीटीसी वाराणसी लाया गया।
वहां से गोरखा रेजीमेंट के ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला के नेतृत्व में शव सैनिक गांव जलालपुर लगभग 12 बजे में लेकर पहुंचे। जवान रामनिवास का पार्थिव शरीर गाजीपुर से जैसे ही आगे बढ़ा है। क्षेत्र के सैकड़ों नौजवान दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों से शिव कुमार यादव के नेतृत्व में तिरंगा ध्वज के साथ गुंजायमान नारों से माहौल को गमगीन बना दिया। पठानकोट से आए एनएसजी कमांडो शिवम भारद्वाज, राजकुमार सहित पूर्व मंत्री सादाब फातिमा, पूर्व वीसी प्रोफेसर हरकेश सिंह, सपा विधानसभा अध्यक्ष जय हिंद यादव, कमलेश यादव, महेंद्र चौहान, गुड्डू यादव, रईस अंसारी, शिव कुमार यादव, एसडीएम भारत भार्गव, तहसीलदार विराग पांडेय, प्रभारी थानाध्यक्ष फूलचंद पांडेय सहित उपस्थित सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।
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पिता का चेहरा देखकर फफक पड़ा बेटा
कासिमाबाद। पिता का चेहरा देखते बेटा विनय यादव फफक कर रो पड़ा। उसने पिता को सैल्यूट देते हुए रूधे गले से भारत माता की जय का जैसे ही जय घोष किया तो आसपास के सभी लोगों के आंखों में पानी आ गया। वह जब तक पिता के शव के पास रहा रोता ही रहा। पत्नी पिंकी यादव का भी यही हाल रहा। बड़े भाई विरेंद्र दहाड़े मारकर बिलख रहे थे और कह रहे थे कि तुम जब इस बार यहां से गए तो पहली बार रोते हुए गए थे। मुझे नहीं पता था कि तुम रो के जा रहे हो तो हमेशा के लिए यहां से जा रहे हो। इस मौत से पूरा परिवार गमजदा होने के साथ दु:खी है।
अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
कासिमाबाद। इलाज के दौरान मृत सेना के जवान रामनिवास के पार्थिव शरीर को देखने के लिए रामनिवास के दरवाजे पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। आसपास के घरों एवं पेड़ों पर लोग चढ़कर अंतिम दर्शन करने के लिए जुटे थे। श्रद्धांजलि देने के लिए सभी राजनीतिक दलों के छोटे बड़े नेता मौजूद रहे। सेना के जवान को मुखाग्नि बड़े भाई बृज भूषण यादव ने दिया। सैनिक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ गाजीपुर श्मशान घाट पर किया गया। सैनिक का दूसरे बड़े भाई विरेंद्र यादव शव के साथ पठानकोट से आए दोनों एनएसजी कमांडो से लगातार मृत्यु का कारण पूछ रहे थे। वीरेंद्र से एनएसजी कमांडो कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं आपको बता सकता हूं।
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