फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो करोड़ 71 लाख स्वीकृत, पांच साल से अधर में पड़ा राम जानकी पोखरा का सुंदरीकरण

विज्ञापन
जंगीपुर गांव स्थित राम जानकी पोखरा। संवाद - फोटो : GHAZIPUR
विज्ञापन
जिले के जंगीपुर में स्थित ढाई सौ साल पुराने ऐतिहासिक पोखरे के सुंदरीकरण के लिए धनराशि का भुगतान कर दिया गया है लेकिन अभी यह कार्य अधूरा है। इस पोखरे पर प्रत्येक वर्ष देव दीपावली पर दीपदान किया जाता है। इस बार नगर पंचायत और सामाजिक संगठनों ने पोखरा परिसर में भव्य कार्यक्रम की योजना बनाई थी लेकिन सुंदरीकरण का कार्य अधर में लटकने के कारण उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
विज्ञापन

जंगीपुर नगर पंचायत स्थित रामजनकी पोखरे का सुंदरीकरण दो करोड़ 71 लाख रुपये से कराने की स्वीकृति वर्ष 2016 में मिली थी। पहले चरण में एक करोड़ 40 लाख और दूसरे चरण में 2019 में एक करोड़ 23 लाख रुपये भुगतान हुआ लेकिन पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य आधा काम ही हो पाया है। अभी पोखरे के किनारे स्टील रेलिंग, चारों तरफ लाइट, फौव्वारा, इंटरलॉकिंग, पौधरोपण का काम बाकी है। पोखरे की लाइटिंग व्यवस्था के लिए जेनरेटर भी लगाया जाना है। सुंदरीकरण का कार्य अधर में लटकने को लेकर लोगों में नाराजगी है। सामाजिक संगठनों की ओर से डेढ़ दशक से पोखरा परिसर में देव दीपवाली मनाई जाती रही है। इससे पहले वहां आसपास फेंके जाते जाते थे। स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए कूड़ा फेंकने पर रोक लगवाई थी और सुंदरीकरण की मांग की थी। परिणाम स्वरूप सुंदरीकरण का कार्य शुरू किया गया लेकिन यह कार्य वर्तमान में अधर में लटक गया है। नगर पंचायत का कहना है कि सुंदरीकरण का कार्य पूरा कराने के लिए कुल आवंटित धनराशि में एक करोड़ 23 लाख रुपये का भुगतान फरवरी 2019 में किया गया ताकि काम तेजी से कराया जा सके। गत माह कई बार कार्य कराने की बात कार्यदायी संस्था से कही गी लेकिन राजस्थान से पत्थर मंगाने, कोरोना तो कभी मौसम की खराबी का बहाना बनाकर कार्य लटकाया जा रहा है। वहीं, कार्यदायी संस्था का कहना है कि मौसम की खराबी के चलते कार्य रुका था। जल्द ही सुंदरीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा।
श्रीराम जानकी पोखरा करीब एक एकड़ में फैला है। इसके चारों ओर बनी सीढ़ियों पर करीब 700 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इलेक्ट्रिक फौव्वारा, पौध रोपण, इंटरलॉकिंग होने के बाद यहां लोगों को काफी सुविधाएं बढ़ जाएंगी। साथ ही धार्मिक आयोजन और सामाजिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र के बड़े केंद्र के तौर पर विकसित होगा।
विज्ञापन

0
सुंदरीकरण को कराने के लिए पैसा आकर पड़ा है। कार्यदायी संस्था की ओर से देरी की जा रही है। कई बार काम शुरू कराने की बात कही गई लेकिन कार्यदायी संस्था ने कार्य पूरा नहीं किया। जबकि देव दीपावली के भव्य आयोजन कराने की तैयारी थी।-विजय लक्ष्मी गुप्ता, चेयरमैन नगर पंचायत जंगीपुर।
राम जानकी पोखरा में जोड़
इनसेट
राम जानकी पोखरा का निर्माण करीब 250 साल पहले हुआ था। जो इसके पुराने अवशेष थे उसमें लाहौरिया ईट का प्रयोग मिला है। राम जानकी पोखरे के जीर्णोद्धार से जुड़े समाजसेवी डा. वी के शर्मा ने बताया कि अंग्रेजी राज के जिस कालखंड का है। उस समय गाजीपुर से लेकर बंगाल तक पोखरा खुदवाने का पूरा इतिहास है। उस दौर के जितने भी पोखरे हैं उसमें लाहौरिया ईट का प्रयोग किया गया था। जनपद का पहाड़ खा का पोखरा, बदरी चंद्र का पोखरा और मोहनलाल का पोखरा उसी जमाने के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें