सुहवल। स्थानीय गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में शिव चर्चा में संत ने लोगों से गुरु के प्रति समर्पित होने का भाव रखने का आह्वान किया। कहा शिव जगत के गुरु हैं और संसार में जितने लोग हैं सब उनके शिष्य।
उन्होंने कहा कि हम सदियों से उनका भगवान भाव से पूजन-अर्चन करते आ रहे हैं। अगर हम उनसे गुरु भाव से याचनापूर्वक दया मांगें तो हमारा कल्याण निश्चित होगा। अगर इस संसार के सभी लोग उन्हें शिष्य बनकर गुरु भाव दें तो पूरे जगत का कल्याण निश्चित रूप से सुगमता से हो जाएगा। भगवान शिव त्रिकालदर्शी, अंतर्यामी, अजर-अमर अविनाशी हैं। वे सारे संसार के गुरु हैं। शिव चर्चा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान शिव ऐसे देव हैं जिनकी पूजा-आराधना से सभी प्रकार के कष्टों का शमन होता है। महादेव थोड़ी सी श्रद्धा भक्ति के साथ की गई पूजा से तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। पूजा-आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। इस अवसर पर रमेश, रघुनाथ, प्रेमलता, शंकर, सुमन, विमलेश, बृजेश आदि मौजूद थे।