एसटीएफ के मुताबिक, कुछ तस्कर ऐसे थे, जिन्हें पहले कभी शराब तस्करी के आरोप में जावेद ने पकड़ा था। इसी का नतीजा रहा कि तस्कर प्रमोद और जावेद से भिड़ गए और पीटकर उन्हें अधमरा कर दिया। इसके बाद बेइज्जत करने के लिए उनके कपड़े उतारे और तेज गति से चल रही ट्रेन से नीचे फेंक दिया। यह घटना 19 अगस्त की थी। दोनों का शव 20 अगस्त को रेलवे ट्रैक पर मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि जावेद के शरीर पर चोट के सात और प्रमोद के शरीर पर दो निशान थे।
रेलवे का ट्रैक मैन चलाता था शराब तस्करी का गैंग
शराब तस्करी में रेलवे का एक ट्रैक भी शामिल था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पंकज ट्रैकमैन से शराब खरीदता था, फिर दानापुर पटना ले जाकर बेचता था।
एसटीएफ के मुताबिक बिलेंद्र 35 साल का है। वह कक्षा 12वीं पास है। 2014 में रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर भर्ती हुआ था। 2019 में नारायणपुर रेलवे स्टेशन पर स्थानांतरण पर आया। यहां मुगलसराय से शराब खरीदकर बिहार में ऊंचे दाम पर बेचने का काम शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे बिहार के कई शराब तस्करों के गैंग के संपर्क में आ गया और उनके साथ मिलकर शराब तस्करी करने लगा। आरोपी पंकज ने पूछताछ बताया कि वह रेलवे में ट्रैकमैन का काम करने वाले बिलेंद्र पासी से शराब लेता था। इसी आधार पर बिलेंद्र को भी गिरफ्तार किया गया है।