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मियाद बीतने के ढाई वर्ष बाद भी रोडवेज स्टेशन का निर्माण अधूरा

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पुराने रोडवेज भवन को गिराकर नये सिरे से रोडवेज स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। यह कार्य वर्ष 2015 से शुरू हुआ। निर्माण कार्य 2018 में होना होना था लेकिन मियाद बीतने के ढाई वर्ष बाद भी रोडवेज स्टेशन का कार्य अधूरा है। इसकी वजह समय समय पर ठेकेदारों का बदलना, धीमी गति से कार्य होना और बजट की कमी रही। स्थिति यह है कि अभी तक वर्कशाप का गेट, डीजल टैंक आटोमेशन, जलापूर्ति, यात्रियों के लिए बेंच व कुर्सी और नल की टोटी लगाने आदि कार्य नहीं हो सके हैं।
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शहर के मालगोदाम रोड रोडवेज बस स्टेशन स्थित है। नये सिरे से रोडवेज स्टेशन भवन निर्माण का कार्य 2015 से शुरू कर दिया गया। तीन वर्षों में 2018 तक कार्य पूरा हो जाना था लेकिन अभी कई कार्य बाकी हैं। भवन का निर्माण हो गया है, इसे उपयोग में लाया जा रहा है लेकिन अभी कार्यदायी संस्था ने इसे रोडवेज के सुपुर्द नहीं किया है। प्रतीक्षालय में यात्रियों के बैठने, पेयजल और शौचालय की सुविधा अभी नहीं होने से सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गाजीपुर डिपो के बेडे़ में 80 बसें हैं लेकिन वर्तमान में सिर्फ 60 चल रही हैं। यहां से दिल्ली, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, मऊ और आजमगढ़ के लिए बसें चलती हैं जिससे यात्रियों की भीड़ भी रहती है। प्रतीक्षालय में कुर्सियां नहीं होने से यात्रियों को दुकानों पर बैठना पड़ता है। पेयजल की व्यवस्था न होने से बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है।
रोडवेज स्टेशन का कार्य अधूरा रहने के बाद भी कार्यदायी संस्था ने भवन को सुपुर्द करने के लिए रोडवेज प्रशासन को आवेदनपत्र दिया था लेकिन बगैर कार्य पूरा हुए रोडवेज प्रशासन ने सुपुर्दगी में लेने से इनकार कर दिया है। रोडवेज प्रशासन पेट्रोल पंप, जलापूर्ति और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्य पूरा कराने के बाद भी स्टेशन को सुपुर्द करने की बात कार्यदायी संस्था से कही है। रोडवेज प्रशासन की मानें तो स्टेशन परिसर में निर्माणाधीन पेट्रोल पंप का आधा काम बाकी है। टैंक में से पानी निकालने से लेकर आटोमेशन का काम होना है। इसके चलते अभी पुरानी डीजल टैंक से ही बसों में ईंधन भरा जा रहा है। वर्कशाप गेट और निर्माणाधीन पानी टंकी से जलापूर्ति के लिए कई स्थानों पर टोटी का काम अधूरा पड़ा है। यात्रियों के लिए कुर्सियां नहीं लगाई गई हैं। इन कार्यों को पूरा करने में अभी समय लग सकता है। रोडवेज के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राकेश पांडेय ने कहा कि रोडवेज स्टेशन परिसर में कई काम शेष हैं। इनको पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को कहा गया है। अब देखना है कि कब तक कार्य पूरा किया जाता है।
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शौचालय की व्यवस्था नहीं, यात्री होते हैं परेशान
रोडवेज परिसर में अभी तक शौचालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है और न ही अभी परिसर के अंदर यात्रियों के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं। रोडवेज की मानें तो रोडवेज स्टेशन की कार्ययोजना में शौचालय नहीं है। जबकि यहां से विभिन्न जिलों के लिए बसें चलती हैं और सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे रोडवेज की बसों से यात्रा करते हैं। शौचालय नहीं होने से यात्रियों को भटकना पड़ता है। बस की प्रतीक्षा के दौरान शौचालय की जरूरत पड़ने पर यात्री परेशान हो जाते हैं। सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों को होती है।
कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल वाराणसी रोडवेज का निर्माण करा रही है। 2015 में छह करोड़ की लागत से निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इसमें मात्र साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। इससे निर्माण कार्य में विलंब हो रहा है।-अरविंद सिंह, संचालन प्रभारी गाजीपुर।
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