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गाजीपुरः सेना के जवान की मौत से जलालपुर गांव में मातम, मैराथन दौड़ प्रतियोगिता के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

Thu, 26 Aug 2021 05:34 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर

सार

 जलालपुर  निवासी चंद्रभान यादव के पांच पुत्रों में सबसे छोटे पुत्र रामनिवास यादव (32) भारतीय थल सेना के 85 आर्म्ड रेजीमेंट सतवारी जम्मू में तैनात थे। वह अपने रेजिमेंट से पठानकोट में बीते 20 अगस्त को आयोजित होने वाले मैराथन दौड़ में भाग लेने के लिए गए थे। 
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पत्नी और बच्चों के साथ जवान रामनिवास यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर जिले के जलालपुर गांव निवासी सेना के जवान की पठानकोट में पांच दिन पूर्व मैराथन दौड़ प्रतियोगिता के दौरान तबीयत खराब हो गई थी। बुधवार की देर रात इलाज के दौरान दिल्ली स्थित आरआर सैनिक हॉस्पिटल में मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही परिजनों के रोने-बिलखने से गांव में मातम पसर गया।

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गांव निवासी चंद्रभान यादव के पांच पुत्रों में सबसे छोटे पुत्र रामनिवास यादव (32) भारतीय थल सेना के 85 आर्म्ड रेजीमेंट सतवारी जम्मू में तैनात थे। वह अपने रेजिमेंट से पठानकोट में बीते 20 अगस्त को आयोजित होने वाले मैराथन दौड़ में भाग लेने के लिए गए थे। दौड़ सुबह छह बजे से होनी थी, लेकिन उच्चाधिकारियों के समय से नहीं आने के कारण दौड़ सुबह ग्यारह बजे दिन में शुरू हुई।

दौड़ में कुल 40 जवान विभिन्न रेजिमेंट से भाग ले रहे थे। रामनिवास यादव के बड़े भाई वीरेंद्र यादव ने बताया कि दौड़ के दौरान एक दर्जन से अधिक सैनिकों की तबीयत हीट स्ट्रोक के कारण ज्यादा खराब हो गई। वजह जिस समय दौड़ शुरू हुई थी उस वक्त गर्मी और काफी तेज धूप था। तबीयत खराब होने पर पठानकोट स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  

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बीते 22 अगस्त को रामनिवास की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण उसे आरआर सैनिक हॉस्पिटल दिल्ली में शिफ्ट किया गया। जहां उसका आईसीयू में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान बुधवार रात करीब सवा दस मृत्यु हो गई। तबीयत खराब होने की सूचना पर उनकी पत्नी पिंकी यादव और बड़े भाई भटिंडा में तैनात सेना के जवान रविंद्र यादव दिल्ली पहुंच गए थे।

राम निवास के मौत की सूचना रविंद्र यादव ने ही अपने बड़े भाई विरेंद्र यादव को दी। इधर, घटना की जानकारी होते ही परिजनों सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृत सेना के जवान के माता-पिता का पूर्व में देहांत हो चुका है। उनके बड़े भाई बृजभूषण यादव और वीरेंद्र यादव घर पर ही रहकर खेती का काम करते हैं। जबकि दो भाई रविंद्र यादव और कमलेश यादव सेना में तैनात हैं।

रामनिवास की पत्नी पिंकी यादव एक सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। इनके दो पुत्र विनय (12) साल और विनीत(4)हैं। परिजनों ने बताया कि  पार्थिव शरीर दिल्ली से एंबुलेंस द्वारा पैतृक आवास पर 27 अगस्त तक आने की संभावना है। 

जांच करा कर कार्रवाई की मांग

मृत सेना के जवान रामनिवास के बड़े भाई वीरेंद्र यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मांग किया कि इस घटना की जांच होनी चाहिए। आरोप लगाया कि 20 अगस्त को पठानकोट में दौड़ सुबह 6 बजे से आयोजित थी, लेकिन अधिकारियों के बिलंब से आने पर दौड़ 11 बजे दिन से शुरू हुई।

इसके कारण तेज धूप और गर्मी से सभी दौड़ने वाले 40 सैनिकों की तबीयत खराब हो गई थी। उन्होंने बताया कि पांच सैनिकों की मौत भी तत्काल होने की बात बताई जा रही है, जो काफी चिंतनीय है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई होनी चाहिए।
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छुट्टी लेकर जून में घर आए थे रामनिवास

सेना के जवान रामनिवास यादव पिछले 10 जून को छुट्टी लेकर 25 दिन के लिए घर आए थे। वह बीते पांच जुलाई को अपने रेजिमेंट के लिए घर से निकला थे। रामनिवास यादव अपने सभी भाइयों में काफी मिलनसार और हंसमुख थे। वह दौड़ का में काफी पारंगत थे। यही कारण था कि उन्हें मैराथन दौड़ के लिए पठानकोट भेजा गया था। उनकी मौत की सूचना पर पाकर घर पर गांव सहित लोगों के आने जाने वालों की भीड़ लगी हुई थी। 
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