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Mirzapur News: डीजल बचाने के लिए आधे घंटे की जगह डेढ़ घंटे बाद ओवरलोड होकर चल रहे स्टीमर और नाव

Tue, 11 Aug 2026 02:10 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर।

सार

Mirzapur News: मिर्जापुर में जोपा-रामपुर गंगा घाट पर नाव को निर्धारित अंतराल पर चक्कर लगाना है, लेकिन घाट पर नाव के करीब डेढ़ घंटे की देरी से चलने का आरोप है।
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जोपा-रामपुर गंगा घाट पर यात्रियों से ओवरलोड स्टीमर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्जापुर जिले के छानबे क्षेत्र के जोपा-रामपुर गंगा घाट पर संचालकों पर डीजल बचाने के लिए ओवरलोड नाव और स्टीमर चलाने का आरोप है। शासन के निर्देश पर यात्रियों को गंगा पार कराने के लिए निशुल्क नाव संचालन की व्यवस्था है। लेकिन यात्रियों का आरोप है कि 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। नाव को निर्धारित अंतराल पर चक्कर लगाना है, लेकिन घाट पर नाव के करीब डेढ़ घंटे की देरी से चलने का आरोप है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि देरी से नाव चलने से डीजल बचाया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद यात्रियों की भीड़ नाव पर सवार हो जाती है। क्षमता से अधिक यात्री और बाइक लादकर गंगा पार कराया जा रहा है।

राजनाथ, चटरू, मुक्तार, रामआसरे और जगमोहन ने बताया कि हर आधे घंटे में नाव को गंगा के पार से उस पार चक्कर लगाना चाहिए। इसके विपरीत डेढ़ घंटे बाद नाव चलने से घाट पर यात्रियों की लंबी कतार लग जाती है। चक्कर कम होने से एक ही नाव पर अधिक से अधिक यात्रियों और वाहनों को बैठाया जा रहा है। इससे गंगा की धारा के बीच यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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एक नाव पर 40 बाइक और 80 यात्रियों को बैठाकर गंगा पार कराया जा रहा है। वहीं, सुरक्षा के लिए नाव पर महज आठ लाइफ जैकेट उपलब्ध होने की बात कही गई है। ऐसे में किसी अप्रिय स्थिति में सभी यात्रियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा।

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लापरवाही पर नहीं लगी लगाम तो हो सकता है हादसा
ग्रामीणों ने प्रशासन से नावों के चक्कर की समय-सारिणी तय कराने, प्रत्येक चक्कर की निगरानी करने, क्षमता के अनुसार ही यात्री बैठाने और पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

आठ लाइफ जैकेट, सवारियां 70 से 80
एक नाव पर 70 से 80 यात्रियों के सवार होने की बात कही जा रही है, जबकि लाइफ जैकेट की संख्या महज आठ बताई जा रही है। 30 से 40 बाइक तक नाव पर लादे जाने का आरोप है।
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ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
  • “नाव पर 40 बाइक और 80 यात्रियों को बैठाकर गंगा पार कराया जा रहा है। कभी भी क्षेत्र में बड़ी घटना घट सकती है। इस पर रोक लगना चाहिए।” -आशीष्ज्ञ मिश्रा, तिलई मौआर
  • “नाव के कम चक्कर लगाने से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद एक साथ बड़ी संख्या में यात्री और वाहन नाव पर सवार हो जाते हैं।” -राणा सिंह, बबुरा
  • “नाव का संचालन हर आधे घंटे के बजाय करीब डेढ़ घंटे में हो रहा है। नाव आते ही अधिक संख्या में लोग सवार होने लगते हैं। इससे ओवरलोडिंग का खतरा बढ़ रहा है।” -बबलू यादव, ऊचडीह
  • “यात्रियों ने 10 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले जाने के मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई और निशुल्क नाव संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।” -पंकज दूबे, परवा

बोले जिम्मेदार
  • प्राइवेट ठेकेदार राजेश तिवारी ने बताया कि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक निशुल्क सेवा चल रही है। लाइफ जैकेट स्टीमर में पर्याप्त रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि सवारी पूरी होने पर समय की कोई पाबंदी नहीं है और स्टीमर का संचालन शुरू हो जाना चाहिए।
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  • संदीप सरोज, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, भदोही ने बताया कि स्टीमर पर 45 से 50 लोगों के साथ 10 से 15 बाइक और नाव पर 25 से 30 लोगों के साथ पांच से 10 बाइक के साथ निशुल्क सेवा का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की ओवरलोडिंग या शुल्क वसूली की शिकायत सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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