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गड्ढामुक्त अभियान में सिर्फ 25 फीसदी ही सुधरी जिले की सड़कें

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गाजीपुर। जिले में सड़कों का हाल काफी खराब है। स्थिति यह है कि चिह्नित 746 किमी मार्ग में मात्र 25 फीसदी ही सड़कें ही गड्ढामुक्त हो सकी हैं। जबकि अभी भी 75 फीसदी सड़क गड्ढों में तब्दील है। 15 सितंबर से संचालित गड्ढा मुक्ति अभियान को एक माह से अधिक हो चुके हैं। निर्धारित समय 15 नवंबर पूरा होने में मात्र 20 दिन ही शेष रह गए हैं, ऐसे में कार्य की गति धीमी होने से शत-प्रतिशत चिह्नित मार्गों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य असंभव दिखाई पड़ रहा है।
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करीब 4800 किलोमीटर जिले में सड़कों का जाल बिछा हुआ है। इसमें करीब 1500 किलोमीटर सड़क बेहद दयनीय स्थिति में हैं। इसमें 746 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए सात करोड़ 44 लाख और 758 किमी सड़क की मरम्मत के लिए 50 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, लेकिन निर्माण कार्य की गति धीमी होने से समय से कार्य पूरा करना चुनौती है। मनिहारी क्षेत्र की सड़क लोगों की सेहत बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार हैं। सड़क के गड्ढों के कारण लोगों की मांसपेशियों में खिंचाव और हड्डियों से जुड़ी परेशानियों को झेलना पड़ रहा है।
हंसराजपुर से चौकड़ी होते हुए चौरा तक जानेवाली सड़क में अनगिनत गड्ढे हैं। कई गावों को जोड़ने वाली इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों लोग सफर करते हैं। दिन भर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। बावजूद इसके यह मार्ग जस का तस बना हुआ है। कासिमाबाद से सिधागरघाट, वेदबिहारी पोखरा से भड़सर और कासिमाबाद नई बस्ती से सीएचसी तक जाने वाली सड़क गड्ढों में तब्दील है। इन सड़कों पर चलना जान जोखिम में डालने के समान हो गया है। स्थिति यह है आए दिन साइकिल और बाइक सवार गिरकर घायल हो रहे हैं। अब तक इन मार्गों पर गड्ढा मुक्ति अभियान के तहत एक ईंट भी नहीं डाली गई है। कमोवेश यही हाल दर्जनों सड़कों का भी है, जो गड्ढों में तब्दील है।
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