अगर आप नगर में ही रहते हैं तो विकास भवन चौराहे से गोराबाजार, आदर्श बाजार होते हुए करंडा जाने वाले बदहाल मार्ग से अच्छी तरह वाकिफ होंगे। वजह भी आप से छिपी नहीं है। दरअसल बड़ा महादेवा मंदिर के मुख्य गेट के सामने सीवरेज पाइप लाइन बिछाने के लिए करीब 10 से 15 गड्ढे खोदे गए। लेकिन उन गड्ढों को दुरुस्त नहीं किया गया। ऐसे में उनमें बरसात का पानी भरकर जानलेवा बन चुका है। यही नहीं गोराबाजार जाने वाले मार्ग से सटे खोदे गया गड्ढे भी अब तक नहीं भरे जाने से खतरनाक हो चुके हैं खासकर रात के समय वाहन चालक जरा भी चूक ना उनके लिए भारी पड़ सकती है। यही नहीं सिंचाई विभाग चौराहे से विकास भवन जाने वाला मार्ग भी एक माह से बंद है। ऐसे में सदर ब्लाक सहित शॉपिंग काम्पलेक्स और चिकित्सक के पास पहुंचने खासी मशक्कत भरा बन गया है। ये सारी समस्याएं आम लोग झेल रहे हैं लेकिन सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि संबंधित अधिकारी इस ओर से आंखें फेर कर बैठे हैं।
करीब दो वर्ष से ज्यादा से शहर में सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। विभिन्न गलियों में पाइप लाइन बिछाने के बाद अब कार्यदायी संस्था प्रमुख सड़कों पर कार्य रही है। लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि अभी एक सड़क का कार्य पूरा नहीं हो रहा है कि दूसरे प्रमुुख सड़क को खोदकर कार्य शुरू करा दिया जा रहा है। यहीं नहीं जिन मार्गों पर कार्य समाप्त हो चुका है उसे पिच तो कर दिया गया लेकिन वह भी बारिश में बैठने लगीं हैं। सिंचाई विभाग से विकास भवन जाने वाला मार्ग एक माह से बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में लोगों को उस मार्ग में स्थित शापिंग कांपलेक्स, विद्यालय और सदर ब्लाक तक आने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा उस इलाके में रहने वाले लोगों को घर से बाजार और अन्य जगह जाने के लिए कई बार सोचना पड़ता है। विकास भवन चौराहे से गोराबाजार पेट्रोल टंकी तक जाने के लिए भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सड़क के बीचो-बीच गड्ढा और उसके पास से गुजरते वाहन हादसे को दावत दे रहे हैं। बारिश होने पर स्थिति और भी खराब हो जाती है। ऐसे में पैदल आवागमन करने वाले राहगीर गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं ई-रिक्शा के पलटने का भी भय बना रहता है। जबकि गोराबाजार से जिला अस्पताल जाने वाले मार्ग को पिच तो कर दिया गया है, लेकिन सड़क किनारे गड्ढे में भरा बारिश का पानी जानलेवा हो चुका है। यही नहीं जगह-जगह सड़क बरसात के पहले ही बैठ गई है, जिससे मार्ग पर चलने वालों पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा जलनिगम मार्ग के बीचो-बीच गड्ढे काफी खतरनाक हो चुके हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि जानकारी होने के बावजूद भी संबंधित विभाग की ओर से इसको दुरुस्त कराने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
कार्यदायी संस्था की ओर से सीवरेज पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। ऐसे में जहां गड्ढे हैं और सड़क टूटी है, उसे वे दुरुस्त करा रहे हैं। आवगमन में जहां परेशानी हो रही है,उसे भी दुरुस्त करा दिया जाएगा। लालचंद्र सरोज, ईओ नगर पालिका परिषद गाजीपुर।
टेंडर के दौरान यह स्पष्ट रहता है कि कार्य पूर्ण कर मरम्मत के बाद ही आगे कार्य दूसरे जगह शुरू करना होता है, लेकिन यहां तो स्थिति यह है कि न तो कोई मानक है और न ही दिशा-निर्देश पालन। अभी एक सड़क पर गड्ढा खोदकर उसकी मरम्मत कराई ही नहीं गई कि दूसरे सड़क को खोदना शुरू कर दिया गया। जिला प्रशासन को इसकी जांच कराकर ऐसी कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराना चाहिए। बरसात के समय हो रही दिक्कत को देखते हुए आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।- विवेक सिंह शम्मी, समाजसेवी
15 जून से बारिश शुरू हो जाती है। यह सभी जानते हैं, ऐसे में बरसात से पहले कार्य पूर्ण करने अथवा इसको लेकर एक रूपरेखा कार्यदायी संस्था को तैयार करना चाहिए था, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना न करना पड़े। स्थिति तो यह है सड़क के बीचो-बीच 10 से 15 फीट गड्ढा जानलेवा हो चुका है। बरसात हो जाने पर तो आवागमन के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।- शशंाक उपाध्याय, आदर्श बाजार
गोराबाजार जाने वाली सड़क पर लंबे समय से सीवरेज का कार्य चल रहा है। स्थिति यह है कि बड़े महादेवा मंदिर के मुख्य गेट के सामने खोदा गया गड्ढा जानलेवा बना हुआ है। स्थिति यह है कि वाहनों के आवागमन के साथ-साथ पैदल आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। - प्रदीप जायसवाल, नौकापुर लंका
अगर कार्यदायी संस्था की ओर से गोराबाजार में कार्य किया जा रहा था कि उस मार्ग पर ही कार्य पूर्ण करके अन्य सड़क की खोदाई की जाती, लेकिन स्थिति तो यह है सिंचाई विभाग चौराहा से लेकर सदर ब्लाक जाने वाली सड़क बंद पड़ी हुई है। लोगों को गोराबाजार जाने के लिए विकास भवन चौहारा होकर जाना पड़ता है, जबकि स्थिति काफी खराब है।- इमरान अंसारी, कचहरी रोड