शिक्षा क्षेत्र सादात के कंपोजिट विद्यालय पचरुखवां और प्राथमिक विद्यालय मखदूमपुर में बच्चे खौफ के साए में शिक्षा लेने को विवश हैं। स्कूल परिसर के ठीक बीचो बीच जर्जर हाईटेंशन (11000 वोल्ट) तार गुजर रहे हैं जो किसी भी समय टूटकर गिर सकते हैं। कई बार स्कूल के अध्यापक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से लेकर बिजली विभाग से शिकायत कर चुके हैं लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर उदासीन बने हुए हैं। इसके चलते बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है।
शासन की तरफ से जहां एक तरफ परिषदीय विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है ठीक इसके विपरीत बिजली विभाग की लापरवाही बच्चों और शिक्षकों की जान पर आफत बनी हुई है। कंपोजिट विद्यालय पचरुखवां के प्रधानाध्यापक जनार्दन सिंह और प्राथमिक विद्यालय मखदूमपुर के प्रधानाध्यापक रामउग्रह यादव ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी एवं बिजली विभाग के अधिकारियों से जर्जर हाईटेंशन तार को विद्यालय परिसर से हटाने के लिए कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है। ग्रीष्मावकाश के बाद 16 जून से ही विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रारंभ हो चुका है लेकिन हाइटेंशन तार न हटने से अभिभावक भी अपने बच्चों को विद्यालय भेजने से कतराते हैं। इस संबंध में नवागत सहायक अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि अभी मुझे आए तीन दिन ही हुए हैं। जल्द ही इस्टीमेट बनाकर विद्यालय से हाईटेंशन तार को हटवाया जाएगा।