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अब कई स्वास्थ्य सुविधाओं का लें लाभ

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चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने शनिवार को जिला अस्पताल के दस बेड के आईसीयू वार्ड, ब्लड कंपोमेंट यूनिट, क्लीनिकल लैब एवं डायलिसिस यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन किया। साथ ही जिला महिला अस्पताल, महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर चिकित्सकीय सुविधाओं का हाल जाना। साथ ही चिकित्सकों को निर्देशित किया कि वह मरीजों एवं तीमारदारों से अच्छा व्यवहार करें, कोई समस्या न आए। साथ ही उन्होंने कालेज परिसर में पौध रोपण का भी निर्देश दिया। इधर प्रमुख सचिव के दौरे को देखते हुए अस्पताल की जहां साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त थी। वहीं ओपीडी एवं आपातकक्ष के अलावा अन्य कक्षों को सजाया गया था।
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प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार सुबह 11 बजे महिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी लेने के साथ निरीक्षण किया। इसके बाद उनका काफिला अफीम फैक्ट्री पहुंचा, जहां का उन्होंने अवलोकन किया। इसके बाद वे महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे। जहां छात्रों ने पुष्पगुच्छ और महर्षि विश्वामित्र का चित्र देकर सम्मानित किया। इसके बाद प्रमुख सचिव ने दीप प्रज्जवलित कर रक्त पृथ्यकरण केंद्र चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण का लोकार्पण किया। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने 10 बेड के आईसीयू वार्ड, ब्लड कम्पोमेन्ट यूनिट, क्लीनिकल लैब एवं डायलिशिस यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने इमरजेंसी, मेडिकल स्टोर एवं वहां पर उपस्थित मरीजों का हाल जाना। बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के तीन कार्य होते हैं। टीचिंग, रिसर्च एवं पेसेंट केयर। चिकित्सा शिक्षा एवं शिक्षा सेवाओं में बेहतर सुधार हुुआ हैं। पीजी अभ्यार्थियों को कैसे लाया जाए, यह प्रयास किया जा रहा है जिससे कि चिकित्सा शिक्षा में सुधार होने में सहायता मिल सके। डीएनबी की सीट लेने का प्रयास चल रहा है। नर्सिंग कालेज एवं पैरामेडिकल ट्रेनिंग के निर्माण के लिए क्या व्यवस्था हो सकती है, इसका भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ अच्छे से बात करें एवं किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही प्रथम बैच के एमबीबीएस छात्रों को बधाई भी दी। इस मौके पर कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा, सीएमएस डा. राजेश सिंह, डा. स्वतंत्र सिंह, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डा. तारकेश्वर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जन औषधि केंद्र पर लगी भीड़
गाजीपुर। जन औषधि केंद्र पर दवा खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। यह पहला अवसर था जब इतनी संख्या वहां देखी गई। उपचार कराने आए मरीज अचंभित थे कि आज चिकित्सकों द्वारा परामर्श पर्ची पर लिखी दवाईयां जन औषधि केंद्र पर आसानी से मिल जा रही है, जबकि अन्य दिनों में इन दवाईयों को लेने के लिए बाहर के मेडिकल स्टोरों तक दौड़ लगानी पड़ती है।
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वाहनों का प्रवेश था वर्जित
गाजीपुर। जिला अस्पताल में प्रमुख सचिव के दौरे के मद्देनजर मरीजों को लेकर आने वाले प्राइवेट वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। ऐसे में कई मरीजों को पैदल ही ओपीडी एवं पर्ची काउंटर तक आवागमन करना पड़ा। यहीं नहीं आए दिन के तरह अस्पताल के मुख्य गेट में प्रवेश कर रहे ई-रिक्शा को सुरक्षा कर्मियों द्वारा हटवा दिया गया था। सिर्फ एंबुलेंस को ही अस्पताल परिसर में आने की अनुमति थी।
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