त्यौहार पर महानगरों से आने एवं जाने वाले ट्रेनों में आरक्षण टिकट नहीं मिल पा रहा है। हालांकि रेलवे की ओर से दो विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं लेकिन उसमें भी सीटें भरी हुईं हैं।
जिले के बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों पढ़ाई, रोजगार आदि के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, कानपुर, लखनऊ, नोएडा आदि जगहों पर रहते हैं। दीपावली एवं डाला छठ पर्व पर दूरदराज रहने वाले लोग घर आते हैं। त्योहार पर घर आने एवं उसके बाद अब जाने के लिए उन्हें आरक्षण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जमानिया संवाददाता के अनुसार, 04069 सीमांचल सुपर फास्ट ट्रेन में 11 नवंबर, 04411 गरीब रथ सुपरफास्ट ट्रेन, 05955 ब्रह्मपुत्र मेल विशेष ट्रेन, 02391 श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में आने वाले दो-तीन दिनों तक बक्सर से दिल्ली एवं दिल्ली से बक्सर का कोई टिकट नहीं है। इन ट्रेनों में लंबी दूरी की ट्रेन श्रमजीवी, ब्रह्मपुत्र मेल आदि में तो दो सप्ताह तक टिकट उपलब्ध नहीं है। इससे नौकरी पर जाने और घर वापस आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वातानुकूलित श्रेणी का टिकट मिल रहा है जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है।
सेवराई : पंडित दीनदयाल उपाध्याय दानापुर रेल खंड के गहमर रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली चार स्पेशल ट्रेनों में 16 नवंबर तक सीटें फुल हो गई हैं। छठ पूजा के मद्देनजर गैर प्रांतों में रहने वाले लोगों को आवागमन करने में परेशानी हो सकती है। गहमर रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनल जनता स्पेशल ट्रेन नंबर 03201-02, विभूति सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 02333-34 और हावड़ा अमृतसर मेल 03005-06 में 16 नवंबर तक सीटें फुल हो गई हैं। ट्रेनों में यात्रा करने के लिए लोगों को पहले ही आरक्षण कराना पड़ रहा है जिसके लिए ट्रेनों में भीड़ और भी बढ़ गई है वहीं आरक्षण ना मिलने के कारण यात्रियों को रेलवे स्टेशनों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
भदौरा रेलवे स्टेशन अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि छठ पूजा को लेकर बाहर प्रांत में रहने वाले लोगों का अपने घर आना और जाना लगा रहता है जिसको लेकर इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों में भीड़ अत्यधिक बढ़ जाती है। छठ पूजा के एक सप्ताह बाद 16 नवंबर तक ट्रेनों में सीट फुल हो गई है। अत्यधिक वेटिंग के कारण लोगों को यात्रा करने के लिए अन्य साधनों का प्रयोग करना पड़ रहा है।