जनपद में विधान परिषद चुनाव (एमएलसी) को लेकर शनिवार को 98.88 फीसदी मतदान हुआ। कुल 3132 में से 3097 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव के सरगर्मी के बीच दिन चढ़ने के साथ ही मतदान प्रतिशत भी बढ़ता गया। शाम चार बजे तक सभी 16 ब्लॉकों पर सकुशल मतदान संपन्न हुआ। सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। वहीं, सदर ब्लॉक में प्रमुख रूप से सातों विधायक, सांसद, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, शिक्षक और स्नातक एमएलसी समेत नगर पालिका अध्यक्ष, सभासद और सदर क्षेत्र के प्रधान, बीडीसी, ब्लॉक प्रमुख के लिए मतदान की व्यवस्था की गई थी।
विधान परिषद चुनाव (एमएलसी) के लिए पुलिस-प्रशासन ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था किया था। चुनाव के दौरान जिलाधिकारी एम पी सिंह और एसपी रामबदन सिंह ने सदर, रेवतीपुर, भदौरा, जमानिया, करंडा, देवकली समेत अन्य मतदान स्थल के कक्षों का स्थलीय निरीक्षण किया। पूरे दिन भाजपा प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल और सपा समर्थित निर्दल प्रत्याशी मदन यादव के समर्थकों के बीच मतदान केंद्रों पर गहमागहमी की स्थिति बनी रही। दोनों ही दलों की ओर से अपने खेमे में मतदाताओं को रिझाने का प्रयास पूरे समय होता रहा।
प्रथम चरण का मतदान 10 बजे तक 27.27 प्रतिशत, द्वितीय चरण 12 बजे का मतदान 71.90 प्रतिशत, तृतीय चरण 2 बजे तक का मतदान 94.67 और अंतिम चरण शाम 4 बजे तक 98.88 फीसदी मतदान हुआ। विकास खंडवार सदर में 98.61, करंडा में 98.39, बिरनों में 99.34, मरदह में 99.36, कासिमाबाद में 99.57, बाराचवर में 98.92, भांरवकोल में 99.37, मुहम्मदाबाद में 96.90, रेवतीपुर में 100, भदौरा में 98.82, जमानिया में 98.33, देवकली में 99.54, सैदपुर में 96.98, साताद में 100, जखनिया में 100 और मनिहारी में 99.03 फीसदी मतदान हुआ। 16 ब्लाकों को मिलाकर कुल 98.88 प्रतिशत हुआ। बिरनों संवाददाता के अनुसार, नखतपुर की प्रधान और मलेढ़ी की बीडीसी का नाम साधना होने से मतदाता सूची में भी एक ही नाम था। जिससे मलेढ़ी की बीडीसी साधना राम ने तो अपना वोट डाल दिया लेकिन नखतपुर की प्रधान साधना पासवान नाम नहीं होने से वोट डालने से वंचित रह गईं। वहां मतदाता सूची में 151 लोगों का नाम था। जबकि 152 मतदाताओं का नाम होना चाहिए था। यहां कुल 150 मतदाताओं ने वोट डाला है। सुहवल संवाददाता के अनुसार, रेवतीपुर ब्लॉक के कुल 136 मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। जिससे ब्लॉक का 100 फीसदी मतदान रहा। यहां कुल 46 प्रधान और 90 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। मतदान को सकुशल संपन्न कराने के लिए डीएम एम पी सिंह ,पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह पुलिस फोर्स के साथ मतदान केंद्र का जायजा लेने पहुंचे। यहां सकुशल मतदान संपन्न हो गया।
मनिहारी संवाददाता के अनुसार, स्थानीय विकासखंड के मतदान केन्द्र पर सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया। यहां चार बजे तक 206 में से 204 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। सरायगोबिंद गांव की ग्राम प्रधान इमिरती देवी एवं परवा के ग्राम प्रधान रामनिवास उर्फ राकेश यादव ने मतदान नहीं किया। मतदान केंद्र पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए ब्लाक के दो सौ मीटर पूरब और दो सौ मीटर पश्चिम बैरिकेडिंग की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह से ही काफी संख्या में पुलिसकर्मी सुरक्षा में मुस्तैद रहे।
औड़िहार संवाददाता के अनुसार, विकासखंड सैदपुर मतदान केंद्र पर 96.98 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां कुल 232 मतदाताओं में से एक मतदाता की मौत होने और चार अन्य लोगों ने मतदान में भाग नहीं लेने से कुल 227 वोट पड़े। भांवरकोल संवाददाता के अनुसार, स्थनीय ब्लॉक में एमएलसी चुनाव के दौरान159 में से158 मत पड़े। मुड़ेरा के बीडीसी सदस्य अवधेश राय का मत नहीं पड़ा। मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार, यहां कुल 226 में से 219 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विकासखंड में कुल 89 प्रधान, 111 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 25 नगर पालिका के सभासद और एक नगर पालिका चेयरमैन समेत कुल 226 मतदाता हैं। जिसमे से 89 ग्राम प्रधान, 110 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 18 सभासद और एक चेयरमैन मिलाकर कुल 119 मतदाताओं ने मतदान में भाग लिया। कमालपुर लोधी के क्षेत्र पंचायत सदस्य और नगर पालिका के छह सभासदों ने मतदान नहीं किया।
लठठुडीह संवाददाता के अनुसार, एमएलसी चुनाव के दौरान बाराचवर मतदान केंद्र पर 185 मतदाताओं के सापेक्ष 183 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। भोपतपुर ग्रामसभा का ग्राम प्रधान जेल में होने और दूसरा मतदाता मतदान केंद्र पर नहीं पहुंचने के कारण दो वोट नहीं पड़े। मतदान के दौरान एसपी ग्रामीण आरडी चौरसिया सहित करीमुद्दीनपुर व बरेसर थाना की पुलिस काफी मुस्तैदी रही।
सेवराई संवाददाता के अनुसार, भदौरा ब्लॉक के कुल 170 में से 168 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यहां कुल 98.82 फीसदी मतदान हुआ। मतदान शुरू होन के करीब दो घंटे बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने मतदान स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मातहतों से आवश्यक पूछताछ की एवं सुरक्षा कर्मियों को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न कराने के लिए मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। मतदान के दौरान यहां के यूनियन बैंक चौराहे के पास बने सपा के अस्थायी कार्यालय एवं पास के ही भाजपा कार्यालय पर गहमागहमी की स्थिति बनी रही। वहीं चुनाव के कारण रूट डायवर्जन होने के कारण लोगों को परेशानियां उठानी पड़ा।
मरदह संवाददाता के अनुसार, स्थानीय ब्लॉक पर एमएलसी चुनाव सकुशल संपन्न हो गया। यहां कुल 63 ग्राम प्रधानों में से 62 ने अपने मत का प्रयोग किया एक ग्राम प्रधान का वोटर लिस्ट में नाम गलत अंकित होने की वजह से वोट देने से वंचित रह गई। वहीं दूसरी ओर 93 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से सभी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
जनपद के सातों विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए सपा के विधायकों के लिए एमएलसी चुनाव एक चुनौती बनी हुई है। सभी विधायकों के द्वारा अपने-अपने क्षेत्र से सपा समर्थित प्रत्याशी को जीत दिलाने का दावा किया जा रहा है। आने वाले 12 अप्रैल को मतगणना के दिन यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा प्रत्याशी विशाल सिंह चंचल और सपा समर्थित उम्मीदवार मदन यादव के बीच जीत-हार का कितना अंतर रहता है।