मौधा। वाराणसी-गाजीपुर फोरलेन के चलते सैदपुर के जौहरगंज से निकली देवकली पंप कैनाल के एक माइनर का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। ऐसे में एक दर्जन से भी अधिक गांवों के किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं।
सैदपुर के जौहरगंज से निकलने वाली देवकली पंप कैनाल का एक माइनर जो सैदपुर-भीमापार मार्ग से कटकर सैदपुर भीतरी स्थित गांगी नदी में समाहित होती है। उसकी जमीन को अलीपुर गांव के पास फोरलेन में मिला लिया गया है। अब जब कभी नहर में पानी छोड़ा जाता है तब अलीपुर, सुल्तानपुर, बसंतचक, शरीफपुर, जीयनचक, महरूमपुर, बलुआ-भीरा, परमन्नाचक, रामपुर, बड़ेपुर, डहन, मुड़ियार, बिठवां और धरहरा आदि गांवों की सैकड़ों बीघे की फसल जलमग्न हो जाती है। अगर नहर में पानी नहीं आता है तो सिंचाई नहीं हो पाती है। फोरलेन निर्माण के दौरान टूटी सड़कों और नहरों की मरम्मत का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया था लेकिन उसे दोबारा बनाया नहीं गया है।