अपर सत्र न्यायाधीश व फास्ट ट्रैक द्वितीय दुर्गेश की अदालत ने बृहस्पतिवार को युवती की हत्या मामले में दोषी सिद्ध इमाम अहमद उर्फ इमाम बक्स को आजीवन कारावास और पांच लाख दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की धनराशि राजकीय कोष में जमा करने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार महमूदपुर ढेबुवा गांव के चौकीदार रामकृत पासवान ने थाना बिरनो में दो नवंबर 2019 को सूचना दिया कि एक भट्ठे के पास झाड़ियों में एक युवती का क्षत- विक्षत शव पड़ा हुआ है। उधर मृतका अलीशा इरफान के भाई अरसद ने उसकी गुमशुदगी की तहरीर उसी दिन शहर कोतवाली में दिया था। तब तक वादी को पता चला कि एक युवतीका शव थाना बिरनो में पड़ा है। वादी ने जाकर शव की शिनाख्त की और थाना बिरनो में अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान आरोपी इमाम अहमद उर्फ इमाम बख्स का नाम प्रकाश में आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकिय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने कुल 10 गवाहों को पेश किया। सभी ने अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराते हुए घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त फैसला सुनाया।
को अलीशा इरफान की निर्मम हत्या के मामले में थाना भांवरकोल गांव निवासी पखनपुरा ग्राम निवासी इमाम अहमद उर्फ इमाम बक्श को आजीवन कारावास और 5 लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि राजकीय कोष में जमा करने का आदेश दिया है