गाजीपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती प्रसूताओं को नाश्ता, सुबह-शाम भोजन और चाय न मिलने की खबर का सीएमओ डॉ एसके पांडेय ने संज्ञान लिया है। सोमवार को 16 ब्लॉक स्तरीय सीएचसी अधीक्षकों से रिपोर्ट मांगने के साथ कहां-कहां धनराशि का भुगतान हुआ है, इसका भी ब्यौरा मांगा है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच टीम गठित की जाएगी। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। शासन की ओर से प्रति मरीज 90 रुपये का भुगतान किया जाता है।
गांवों में रहने वाली महिलाओं को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उनकी प्रतिमाह स्वास्थ्य की जांच और मातृ-शिशु दर को कम करने के लिए शासन की ओर से कई अहम योजनाएं चलाई जा रही हैं। यही नहीं प्रसव के लिए भर्ती गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को अस्पतालों में सुबह में नाश्ता, दोपहर में भोजन और शाम को चाय के साथ रात में भोजन की भी व्यवस्था दी गई है, लेकिन वास्तव में सीएचसी पर प्रसूताओं को कुछ नहीं मिलता। इस मामले को अमर उजाला अखबार ने एक मार्च को पेज नंबर चार पर एक कप चाय के लिए तरस जाती हैं प्रसूता और गर्भवती महिलाएं शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर सीएमओ डा. एसके पांडेय ने ब्लॉक स्तरीय 16 सीएचसी के अधीक्षकों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि जब प्रसूताओं और गर्भवती महिलाओं को नाश्ता, सुबह-शाम भोजन और चाय नहीं मिल रहा है तो धनराशि का भुगतान कहां-कहां किया गया है। ब्यौरा सहित पूरी रिपोर्ट दें। सीएमओ डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि आख्या रिपोर्ट मिलने के बाद टीम गठित कर जांच कराई जाएगी।