गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश / फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय दुर्गेश की अदालत ने बुधवार को दिलदारनगर थाना क्षेत्र के कसेरूआ गांव में छह वर्ष पूर्व हुए हत्या के मामले में तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को दो-दो लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही एक अभियुक्त को एक हजार अतिरिक्त अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन के अनुसार थाना दिलदारनगर के कसेरूवा गांव निवासी गीता देवी ने 28 जुलाई 2015 को पुलिस को तहरीर दी थी कि पति सुभाष बिंद घर के दरवाजे पर सो रहे थे। रात करीब एक बजे दैवेथा गांव निवासी जमशेद खां और सोनू ने उसके पति सुभाष की गला रेत कर हत्या कर दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचना के दौरान इजहार धोबी और सरवर उर्फ आतिफ खां का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह ने कुल 11 गवाहों को पेश किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए सोनू गुप्ता को दोषमुक्त कर दिया। जबकि अभियुक्त जमशेद खां, इजहार धोबी और सरवर उर्फ आतिफ खां को उपरोक्त सजा सुनाई है। इसके साथ इजहार धोबी को आयुध अधिनियम के तहत एक हजार रुपये के अतिरिक्त दंड से दंडित किया है।